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संदिग्ध हालात में छत से गिरा डॉक्टर का माली, मौत
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वसंत विहार थाना क्षेत्र में रहने वाले एक डॉक्टर के घर का माली संदिग्ध हालात में छत से गिर गया। उसका खून से लथपथ शव लॉन में मिला। मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी जांच की। पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डॉ. केके यादव ओएनजीसी अस्पताल में कार्यरत हैं। उनका जीएमएस रोड पर मकान है। यहां उनके साथ महेंद्र सिंह नेगी नाम का माली रहता था। महेंद्र ओएनजीसी में ही ठेके पर माली भी है। कुछ दिनों से महेंद्र की 23 वर्षीय बेटी भी उनके साथ रह रही थी। रोज की तरह शनिवार रात को भी महेंद्र और उनकी बेटी मकान के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सोने के लिए चले गए। सोने से पहले उन्होंने सीढ़ियों के दरवाजे को अंदर से लॉक कर दिया।
रविवार सुबह जब डॉ. केके अग्रवाल उठे तो देखा कि महेंद्र सिंह नेगी लहूलुहान हालात में लॉन के फर्श पर पड़ा है। उन्होंने जांच की तो पता चला कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। डॉ. यादव ने महेंद्र की बेटी को आवाज लगाई, लेकिन उसे सुनाई नहीं दिया। इसके बाद फोन कर नीचे बुलाया। एसएसआई वसंत विहार नवनीत भंडारी ने बताया कि महेंद्र सिंह नेगी मूल रूप से जैनूर पट्टी, सिमली, नारायण बगड़, चमोली के रहने वाले थे। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है।
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एसी में नहीं सुनाई दी आवाज
डॉ. यादव ने पुलिस को बताया कि वह नीचे अपने कमरे में सोए हुए थे। रात में एसी की आवाज में महेंद्र के गिरने की आवाज नहीं सुनाई दी। इधर, बताया यह भी जा रहा है कि महेंद्र सिंह नेगी को नींद में चलने की आदत थी। लेकिन, इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस आत्महत्या के दृष्टिकोण से भी जांच कर रही है। फिलहाल चमोली से उनके परिजन नहीं आए हैं। उनके आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डॉ. केके यादव ओएनजीसी अस्पताल में कार्यरत हैं। उनका जीएमएस रोड पर मकान है। यहां उनके साथ महेंद्र सिंह नेगी नाम का माली रहता था। महेंद्र ओएनजीसी में ही ठेके पर माली भी है। कुछ दिनों से महेंद्र की 23 वर्षीय बेटी भी उनके साथ रह रही थी। रोज की तरह शनिवार रात को भी महेंद्र और उनकी बेटी मकान के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सोने के लिए चले गए। सोने से पहले उन्होंने सीढ़ियों के दरवाजे को अंदर से लॉक कर दिया।
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रविवार सुबह जब डॉ. केके अग्रवाल उठे तो देखा कि महेंद्र सिंह नेगी लहूलुहान हालात में लॉन के फर्श पर पड़ा है। उन्होंने जांच की तो पता चला कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। डॉ. यादव ने महेंद्र की बेटी को आवाज लगाई, लेकिन उसे सुनाई नहीं दिया। इसके बाद फोन कर नीचे बुलाया। एसएसआई वसंत विहार नवनीत भंडारी ने बताया कि महेंद्र सिंह नेगी मूल रूप से जैनूर पट्टी, सिमली, नारायण बगड़, चमोली के रहने वाले थे। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है।
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एसी में नहीं सुनाई दी आवाज
डॉ. यादव ने पुलिस को बताया कि वह नीचे अपने कमरे में सोए हुए थे। रात में एसी की आवाज में महेंद्र के गिरने की आवाज नहीं सुनाई दी। इधर, बताया यह भी जा रहा है कि महेंद्र सिंह नेगी को नींद में चलने की आदत थी। लेकिन, इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस आत्महत्या के दृष्टिकोण से भी जांच कर रही है। फिलहाल चमोली से उनके परिजन नहीं आए हैं। उनके आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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