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राहुल के कारण अस्पताल में तड़पती रहीं प्रसूताएं
अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Mon, 24 Feb 2014 10:42 AM IST
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ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल के चार डॉक्टरों की वीवीआईपी ड्यूटी मरीजों पर भारी पड़ी।
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रविवार को अस्पताल में भर्ती दो प्रसूताओं का सिजेरियन आपरेशन होना था, लेकिन अनेस्थेटिस्ट के वीवीआईपी ड्यूटी में होने से लगने से ऑपरेशन नहीं हो सका।
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प्रसूता को दर्द से बिलखते देख महिला चिकित्सक ने हायर सेंटर रेफर कर दिया, जिससे हंगामा हो गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
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राहुल गांधी की रैली के मद्देनजर अस्पताल के अनेस्थेटिस्ट, आर्थोसर्जन, फिजिशियन और पैथॉलाजिस्ट को पहले जौलीग्रांट एयरपोर्ट फिर दून भेजा गया।
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अनेस्थेटिस्ट नहीं होने से दो प्रसूताओं को दून रेफर करना पड़ा। उधर, प्रसूता को अन्यत्र रेफर करने से आक्रोशित परिवर्तन मंच ने सीएमएस का पुतला फूंका।
ऋषिकेश से नहीं जाएंगे वीआईपी ड्यूटी में
स्वास्थ्य महानिदेशक जीएस पांगती ने बताया कि ऋषिकेश अस्पताल में एक अनेस्थेटिस्ट है। वीवीआईपी ड्यूटी से व्यवस्था प्रभावित हुई। भविष्य में जहां अनेस्थेटिस्ट अतिरिक्त हैं, उन्हें वीवीआईपी ड्यूटी में भेजा जाएगा।
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कई बार अनेस्थेटिस्ट के नहीं होने से प्रसूता को सिजेरियन के लिए सरकारी वाहन से दून रेफर किया जाता है। मगर, प्रसूता पूनम चौधरी और रश्मि के परिजन दून के लिए राजी नहीं हुए और प्राइवेट अस्पताल ले गए।
- डॉ. अशोक गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
हम अस्पताल के सीएमएस से डॉक्टरों की टीम भेजने के लिए कहते हैं। सीएमएस किसकी ड्यूटी लगाता है, यह उस पर निर्भर करता है।
- डॉ. गुरपाल सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी