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इलाज की जगह ये डॉक्टर रोगियों को देता है 'जहर', पढ़ें डॉक्टर के खतरनाक अपराध का सच
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:59 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड में इस डॉक्टर ने अपने रोगियों को इलाज के नाम ऐसी दवा दे दी जो 'जहर' से कम नहीं है। आइए जानते हैं इस डॉक्टर के इस खतरनाक इलाज का सच...
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सीजेएम कोर्ट ने मिर्गी रोग का शर्तिया इलाज का दावा कर रोगियों को नशीली दवा देने वाले नीरज क्लीनिक के मालिक डॉ.आरके गुप्ता को पांच साल के सश्रम कारावास और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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इसी केस में डॉ.गुप्ता को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने के आरोप में ऋषिकेश के पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा समेत 14 अन्य आरोपियों को एक-एक साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। डॉ.गुप्ता को छोड़कर अन्य आरोपियों को तीन साल से कम सजा होने के कारण जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
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मिर्गी रोगियों को नशीली दवाइयां बेचता था...
dr r.k gupta
मिर्गी रोग का शर्तिया इलाज का दावा करने वाले नीरज क्लीनिक ऋषिकेश के डॉ.आरके गुप्ता के यहां तीन अगस्त 2004 को ड्रग्स और प्रशासन की टीम ने छापा मारा था। आरोप था कि डॉ. गुप्ता आयुर्वेदिक दवाइयों के नाम पर मिर्गी रोगियों को नशीली दवाइयां बेचता था।
छानबीन में पाया गया कि क्लीनिक में एलोपैथिक की प्रतिबंधित दवाओं का मिश्रण बेचा जा रहा है। मौके पर मिलीं दवाओं को सीज किया गया। इस दौरान पुलिस ने डॉ.आरके गुप्ता को हिरासत में ले लिया था, मगर लोगों की भीड़ ने डॉ.गुप्ता को पुलिस से छुड़ा लिया था।
बाद में लोगों ने ऋषिकेश कोतवाली पहुंचकर पत्थरबाजी भी की थी। इस मामले में पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद डॉ.गुप्ता समेत 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया था।
छानबीन में पाया गया कि क्लीनिक में एलोपैथिक की प्रतिबंधित दवाओं का मिश्रण बेचा जा रहा है। मौके पर मिलीं दवाओं को सीज किया गया। इस दौरान पुलिस ने डॉ.आरके गुप्ता को हिरासत में ले लिया था, मगर लोगों की भीड़ ने डॉ.गुप्ता को पुलिस से छुड़ा लिया था।
बाद में लोगों ने ऋषिकेश कोतवाली पहुंचकर पत्थरबाजी भी की थी। इस मामले में पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद डॉ.गुप्ता समेत 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया था।
डॉ को पांच साल के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक द्विवेदी की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। सहायक अभियोजन अधिकारी यशदीप श्रीवास्तव ने पैरोकारी करते हुए 15 गवाह प्रस्तुत किए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद बुधवार को डॉ.आरके गुप्ता समेत 15 आरोपियों को सजा सुना दी। एपीओ श्रीवास्तव के मुताबिक अदालत ने धोखाधड़ी में डॉ.गुप्ता को पांच साल के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा समेत 14 आरोपियों को एक-एक साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है, इनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। तीन साल से कम की सजा होने के कारण इन्हें तो जमानत पर रिहा कर दिया गया, मगर डॉ.गुप्ता को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
डॉ.गुप्ता को किस धारा में कितनी सजा
डॉ.आरके गुप्ता को धारा 224 आईपीसी (कानून पकड़े जाने पर प्रतिरोध करना) में एक वर्ष का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 420 आईपीसी(धोखाधड़ी) में पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड, ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट-1964 में छह माह का कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा। सभी सजाएं अलग-अलग चलेंगी।
पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा समेत 14 आरोपियों को एक-एक साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है, इनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। तीन साल से कम की सजा होने के कारण इन्हें तो जमानत पर रिहा कर दिया गया, मगर डॉ.गुप्ता को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
डॉ.गुप्ता को किस धारा में कितनी सजा
डॉ.आरके गुप्ता को धारा 224 आईपीसी (कानून पकड़े जाने पर प्रतिरोध करना) में एक वर्ष का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 420 आईपीसी(धोखाधड़ी) में पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड, ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट-1964 में छह माह का कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा। सभी सजाएं अलग-अलग चलेंगी।
डॉ.गुप्ता को छुड़ाने के आरोप में इन्हें हुई सजा
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
1. ऋषिकेश के पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा निवासी तिलक रोड।
2. राजेश कुमार गुप्ता निवासी सदानंद मार्ग ऋषिकेश।
3. प्यारे लाल जुगरान निवासी ऋषिकेश।
4. कृष्ण कुमार निवासी ऋषिकेश।
5. अशोक अश्क निवासी इंदिरा नगर ऋषिकेश।
6. जयदत्त शर्मा निवासी आदर्श नगर ऋषिकेश।
7. राहुल शर्मा निवासी रघुनाथ मंदिर त्रिवेणी ऋषिकेश।
8. रवि कुमार जैन निवासी ऋषिकेश।
9. राजकुमार अग्रवाल निवासी मनिराम गर्ग ऋषिकेश।
10. स्नेहलता शर्मा निवासी अवदूत आश्रम रोड ऋषिकेश।
11. अनीता वशिष्ठ निवासी ऋषिकेश।
12. दीवान सिंह रावत निवासी मोगर रानी पोखरी।
13. कविता शाह निवासी कुम्हार बाड़ा ऋषिकेश।
14. अरविंद शाह निवासी पुष्कर मंदिर मार्ग ऋषिकेश।
2. राजेश कुमार गुप्ता निवासी सदानंद मार्ग ऋषिकेश।
3. प्यारे लाल जुगरान निवासी ऋषिकेश।
4. कृष्ण कुमार निवासी ऋषिकेश।
5. अशोक अश्क निवासी इंदिरा नगर ऋषिकेश।
6. जयदत्त शर्मा निवासी आदर्श नगर ऋषिकेश।
7. राहुल शर्मा निवासी रघुनाथ मंदिर त्रिवेणी ऋषिकेश।
8. रवि कुमार जैन निवासी ऋषिकेश।
9. राजकुमार अग्रवाल निवासी मनिराम गर्ग ऋषिकेश।
10. स्नेहलता शर्मा निवासी अवदूत आश्रम रोड ऋषिकेश।
11. अनीता वशिष्ठ निवासी ऋषिकेश।
12. दीवान सिंह रावत निवासी मोगर रानी पोखरी।
13. कविता शाह निवासी कुम्हार बाड़ा ऋषिकेश।
14. अरविंद शाह निवासी पुष्कर मंदिर मार्ग ऋषिकेश।
27 माह बाद मिली थी जमानत
अदालत।
- फोटो : amar ujala
ऋषिकेश पुलिस की हिरासत से फरार होने के बाद 14 अगस्त को क्लेमेंटटाउन पुलिस ने डॉ.आरके गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था। डॉ.गुप्ता ने करीब 27 माह कारागार में गुजारे थे। बाद में जमानत मिल गई थी।
मुकदमे वापसी का प्रयास नहीं चढ़ा परवान
मिर्गी रोग के चर्चित डाक्टर डॉ.गुप्ता ने कांग्रेस सरकार के समय अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को वापस कराने का भरकस प्रयास किया था, मगर कामयाबी नहीं मिल पाई।
मुख्यमंत्री कार्यालय से अर्जी गृह विभाग को गई, जहां पर पुलिस और प्रशासन से रिपोर्ट मंगा ली गई थी। न्यायिक विभाग से विधिक परामर्श मांगा गया था, मगर ‘अमर उजाला’ ने मामला उछाला तो सरकार बैक फुट पर आ गई थी।
मुकदमे वापसी का प्रयास नहीं चढ़ा परवान
मिर्गी रोग के चर्चित डाक्टर डॉ.गुप्ता ने कांग्रेस सरकार के समय अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को वापस कराने का भरकस प्रयास किया था, मगर कामयाबी नहीं मिल पाई।
मुख्यमंत्री कार्यालय से अर्जी गृह विभाग को गई, जहां पर पुलिस और प्रशासन से रिपोर्ट मंगा ली गई थी। न्यायिक विभाग से विधिक परामर्श मांगा गया था, मगर ‘अमर उजाला’ ने मामला उछाला तो सरकार बैक फुट पर आ गई थी।