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डॉक्टर ने सिर काटकर 'नवजात' को गर्भ से निकाला

Tue, 21 Apr 2015 04:28 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Tue, 21 Apr 2015 04:28 PM IST
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doctor cut dead baby head in womb.

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल का सबसे बड़ा अस्पताल बड़े विवाद में उलझ गया है। पेट में मृत नवजात को गर्दन काटकर निकाले जाने पर परिजनों ने अस्पताल में खूब हंगामा किया।

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डॉक्टरों ने परिवार को बिना जानकारी दिए ही शिशु की गर्दन सिलकर उन्हें सौंप दिया। परिवार को शिशु की गर्दन में टांके लगने पता तब चला जब घर में परिजनों ने शव को देखा।
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परिजनों और अन्य लोगों ने अस्पताल पहुंचकर संबंधित डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडिकल चौकी में तहरीर दी। घंटों हो-हल्ला के बीच मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित ने पोस्टमार्टम हाउस में शिशु की हालत देखने के बाद संबंधित डॉक्टर को हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही लोग शांत हुए।
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रामपुर जिले के पैनीनगर के मूल निवासी राहत अली उजाला नगर में रहकर स्टील वेल्डिंग का काम करते हैं। रविवार रात गर्भवती पत्नी आसमां की हालत बिगड़ने पर राहत ने उसे महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था।

ऑपरेशन के दौरान गर्भ में मरा हुआ मिला बच्चा

doctor cut dead baby head in womb.

अस्पताल में डॉक्टरों ने कुछ देर तक इलाज करने के बाद उसे सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया। रात में डॉक्टरों ने महिला की सामान्य डिलीवरी कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर सोमवार सुबह नौ बजे ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

ऑपरेशन के दौरान गर्भ में बच्चा मरा हुआ मिला। डॉक्टरों ने नवजात का शव निकालकर महिला को बचा लिया। परिजन शव लेकर घर पहुंचे तो वहां नवजात का गला कटा था। गले और सिर में एक दर्जन से अधिक टांके लगे थे।

यह देख परिजन भड़क गए और मोहल्ले के कई लोगों को लेकर कांग्रेस नेता उवैस राजा के नेतृत्व में शाम करीब चार बजे सुशीला तिवारी अस्पताल में घुसने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक लिया। भीड़ में शामिल लोग अस्पताल के गेट पर ही नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।

मौके पर पहुंचे सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। इधर, सूचना पर प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से कहा कि मामले में जांच कर दोषी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन मिलने पर लोगों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।

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