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गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रहा इलाज
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 11 Nov 2014 10:17 AM IST
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सोमवार को दून महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए तरस गईं। ओपीडी में पर्याप्त डॉक्टर न होने से कई महिलाओं को मायूस लौटना पड़ा।
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घंटों गायब रहीं डॉक्टर
डॉक्टरों के देरी से पहुंचने के कारण सोमवार को पांच घंटे चली ओपीडी में 400 मरीज पहुंचे थे, लेकिन सिर्फ तीन डाक्टर उपलब्ध थे। इनमें से भी एक डॉक्टर दो घंटे बाद गायब हो गई।
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शनिवार को हाफ डे और रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को महिला अस्पताल में मरीजों की ज्यादा भीड़ रही। ओपीडी में तीन महिला डॉक्टरों की ड्यूटी थी। अस्पताल में भर्ती मरीजों को देखकर डॉक्टर सुबह नौ बजे के बजाय दस बजे ओपीडी में पहुंची पाईं।
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तब तक ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लग गई थी। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। दोपहर बारह बजे बाद एक महिला डॉक्टर ओपीडी से गायब हो गई। इस पर महिलाओं ने विरोध भी जताया।
बाहर महिला मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं, लेकिन तीन बजे ओपीडी का समय पूरा होती ही डाक्टर चली गईं। बंजारावाला से आई रेवती देवी ने बताया कि डॉक्टर ने चेकअप के लिए सोमवार का समय दिया था, लेकिन उनका नंबर ही नहीं आया।
महिला दून अस्पताल की सीएमएस डॉ. चंद्रा पंत ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। सोमवार को ओपीडी में चार सौ से अधिक मरीज आए, इससे दिक्कत हुई।
अल्ट्रासाउंड में भी दिक्कत
दून महिला अस्पताल में महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट की वजह से यह दिक्कत आ रही है।
कुछ दिन पहले महिला अस्पताल से एक रेडियोलॉजिस्ट का ट्रांसफर हो गया था। इससे कुछ दिन अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए थे। नए रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुबोध नौटियाल आए हैं। महिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 130 महिला मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जाती है।
इसकी तुलना में करीब 70 अल्ट्रासाउंड ही हो पाते हैं। सीएमएस डॉ. चंद्रा पंत ने बताया कि वेटिंग कम करने के लिए शाम चार बजे तक अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। जबकि ओपीडी का वक्त तीन बजे तक ही है।