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यहां डॉक्टर सच में हैं 'भगवान' का रूप
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Wed, 19 Feb 2014 09:51 AM IST
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यूं तो डॉक्टर को भगवान कहा भी कहा जाता है, लेकिन इन दिनों ऐसे डॉक्टर मिलना बेहद कठिन है। अब डॉक्टर केवल फीस लेकर अपने इलाज तक ही सिमित हैं।
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'भगवान' का रोल निभा रहे ये डॉक्टर्स
इन सबके बीच हरिद्वार के जिला अस्पताल के डॉक्टर्स आपसी सहयोग से हर माह धन इकट्ठा कर लावारिस और निर्धन मरीजों के इलाज में आर्थिक मदद कर 'भगवान' का रोल निभा रहे हैं। इसमें अस्पताल का समस्त स्टाफ तीन साल से सहयोग देता आ रहा है।
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जिला अस्पताल में एक सप्ताह में करीब एक दर्जन से अधिक लावारिस मरीज भर्ती होते हैं। इन मरीजों के लिए अस्पताल में मिलने वाले इलाज के अलावा अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए अस्पताल को अलग से बजट नहीं मिलता है।
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पैसा इकट्ठा कर करते हैं लावारिस मरीजों की मदद
ऐसे मरीजों के पास न तो सर्दी के कपड़े होते हैं और न ही अस्पताल से बाहर से दवाई आदि मंगाने के लिए पैसे, जबकि इलाज में अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के अलावा भी कुछ दवाओं और सामान की जरूरत होती है।
ऐसे में अस्पताल के सभी डॉक्टर और अन्य स्टॉफ आपस में पैसा इकट्ठा कर लावारिस मरीजों की मदद करते हैं।
अस्पताल के डिप्टी सीएमएस डॉ. राजेश गुप्ता और डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि तीन साल से हर महीने सभी अधिकारी और हर श्रेणी के कर्मचारी इच्छानुसार इस सेवा धन में स्वेच्छा से अंशदान देते हैं। ऐसे में हर महीने पांच से सात हजार रुपए इकट्ठे हो जाते हैं।
मरीज को दी तत्काल मदद
सोमवार को दमा पीड़ित मरीज अस्पताल में भर्ती होने आए, लेकिन उनके पास पर्चा और भर्ती शुल्क आदि जमा करने के लिए कोई पैसा नहीं था।
डॉक्टर राजीव कुमार ने उनका पर्चा अपने पास से पैसे देकर बनवाया और भर्ती होने तथा बाहर से आई दवाइयों के लिए भी नगद धनराशि देकर उनकी सहायता की।