अब सच में पेड़ पर ही लगेंगे पैसे
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अब जमीन में पैसे बोएं और पैसे ही उगाएं। उत्तराखंड के लोग अब रुपयों की तरह पेड़ों का भी फिक्स डिपॉजिट करा सकेंगे।
पांच साल बाद उन्हें प्रति पेड़ दो सौ रुपए मिलेंगे। एक व्यक्ति या परिवार अधिकतम सौ पौध प्रतिवर्ष लगा सकता है। यह राज्य सरकार की ‘हमारा पेड़ - हमारा धन’ योजना के तहत होगा। इस साल आवेदन 31 सितंबर तक स्वीकार किए जाएंगे।
प्रमुख सचिव वन रणबीर सिंह ने बताया है कि वन विभाग ने इस योजना को गुरुवार से लागू कर दिया गया है। पर्वतीय व मैदानी क्षेत्रों की निजी भूमि पर अकेले या संयुक्त रूप से खातेदार बन सकते हैं। पौधारोपण के इच्छुक आवेदकों को इसका फार्म वेबसाइट पर और वन विभाग के सभी कार्यालयों से मुफ्त मिलेगा।
पौधे रियायती दाम पर वन विभाग, उद्यान विभाग के अलावा पंजीकृत महिला पौधशाला, किसान पौधशाला आदि से खरीदे जा सकेंगे। इस वर्ष 50 हजार पौधों का लक्ष्य रखा गया है। आवेदक अधिक होने पर लाटरी निकाली जाएगी।
‘हमारा पेड़-हमारा धन’ योजना
योजना दस वर्ष की होगी, जिसमें रोपण कार्य आगामी पांच वर्षों के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों ‘हमारा पेड़-हमारा धन’ योजना तैयार कर इससे आम आदमी को जोड़ने की घोषणा की थी।
इसका उद्देश्य वनों पर निर्भरता कम कर ग्रामीणों की लकड़ी, ईंधन व चारा आदि की मांग पूरी करने के लिए आवश्यक प्रजातियों के रोपण को प्रोत्साहित करना है। योजना की प्रगति का विवरण संबंधित जोन अपर प्रमुख वन संरक्षक, नियोजन एवं वित्तीय प्रबंधन को उपलब्ध कराएगा। प्रतिमाह शासन को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
कैसे मिलेगा लाभ
प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में पंजीकृत रजिस्टर में आवेदक के नाम पर दो सौ रुपए प्रति पौध के हिसाब से पांच वर्ष की एफडीआर या एनएससी की जाएगी। रोपित पौधों की सुरक्षा व संरक्षण की जिम्मेदारी आवेदक की होगी।
पांच साल बाद पौधों की दशा का मूल्यांकन वन विभाग, वन पंचायत व ग्रामसभा संयुक्त रूप से करेगी। इसी के आधार पर धनराशि आवेदक को दी जाएगी।