डेंगू का डंक: बुखार में भूलकर भी न लें ये दो दवाई, जानें लक्षण और बचाव के तरीके
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अगर आपको इस मौसम में बुखार लगे तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। वरना आप पर इसका बुरा असर हो सकता है। डेंगू रोधी अभियान के तहत बुधवार को देहरादून के गांधी शताब्दी अस्पताल में गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस बैठक में डॉक्टरों ने डेंगू की रोकथाम और इसके इलाज पर चर्चा की। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कहा कि यदि डेंगू बुखार आए तो इलाज के लिए एस्प्रीन और आईब्रुफेन जैसी दवाएं नहीं लेनी चाहिए। जहां तक हो सके बचाव और डॉक्टरों की देखरेख में ही इलाज करना चाहिए।
गांधी शताब्दी अस्पताल में पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एलएम उप्रेती की पहल पर यह गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने कहा कि डेंगू बरसात के मौसम में जुलाई से अक्तूबर तक फैलता है। इसमें विशेषज्ञों ने डेंगू के लक्षणों और इसके बचाव पर प्रकाश डाला।
ये हैं लक्षण
- अचानक तेज सिरदर्द और बुखार।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
- आंखों के पीछे दर्द, जो घुमाने से बढ़ता है।
- जी मचलाना और उल्टियां होना।
- गंभीर मामलों में नाक मुंह व मसूड़ों से खून आना।
- त्वचा पर चकते उभर आना।
ये बरते सावधानियां
- पानी की टंकी खुली न छोड़ें।
- पक्षियों और पशुओं के पानी के पात्र में पानी न छोड़ें।
- बर्तन, फ्रिज, फूलदान, नारियल के खोल आदि में पानी न रखें।
- पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें।
- पूरा शरीर हल्की चादर से ढककर सोएं।
- मच्छररोधी क्रीम का प्रयोग करें।
- बुखार हो तो पैरासिटामोल खा सकते हैं।