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Dehradun News: दून अस्पताल की इमरजेंसी में डीएमएस करेंगे देखरेख
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Iप्राथमिक प्रबंधन किया जा रहा मजबूत, अधिकारी करेंगे नियमित निरीक्षण
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Iदून अस्पताल की इमरजेंसी में अब डीएमएस देखरेख करेंगे। इसके अलावा प्राथमिक प्रबंधन को भी मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों को नियमित निगरानी के लिए भी कहा गया है। प्रबंधन की ओर से यह निर्णय मरीजों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए लिया गया है।
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Iदरअसल, दून अस्पताल के इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. एनएस बिष्ट को उप चिकित्सा अधीक्षक की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद वे प्रशासनिक कार्याें में व्यस्त थे। ऐसे में इमरजेंसी की सुविधाएं बेपटरी हो गई थीं। पूर्व में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें मरीजों को इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार लेने और भर्ती होने के लिए काफी परेशान होना पड़ा। एक मरीज को तो इलाज न मिलने की वजह से जान तक गंवानी पड़ी। इन मामलों को अमर उजाला की ओर से प्रमुखता से उठाया गया।
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Iस्वास्थ्य सचिव की ओर से खबर का संज्ञान लेते हुए अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है और इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों को मरीजों की सही से देखभाल के निर्देश दिए। साथ ही डीएमएस को इमरजेंसी के कार्यालय से सेवाएं देने के लिए कहा गया। बुधवार को इमरजेंसी की व्यवस्थाएं सुचारू नजर आईं।
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Iइमरजेंसी में प्राथमिक प्रबंधन को मजबूत करने के की दिशा में काम किया जा रहा है। मरीज को परेशान होकर वापस न लौटना पड़े, इसके लिए सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालयI
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Iप्राथमिक प्रबंधन किया जा रहा मजबूत, अधिकारी करेंगे नियमित निरीक्षण
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Iदून अस्पताल की इमरजेंसी में अब डीएमएस देखरेख करेंगे। इसके अलावा प्राथमिक प्रबंधन को भी मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों को नियमित निगरानी के लिए भी कहा गया है। प्रबंधन की ओर से यह निर्णय मरीजों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए लिया गया है।
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Iदरअसल, दून अस्पताल के इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. एनएस बिष्ट को उप चिकित्सा अधीक्षक की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद वे प्रशासनिक कार्याें में व्यस्त थे। ऐसे में इमरजेंसी की सुविधाएं बेपटरी हो गई थीं। पूर्व में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें मरीजों को इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार लेने और भर्ती होने के लिए काफी परेशान होना पड़ा। एक मरीज को तो इलाज न मिलने की वजह से जान तक गंवानी पड़ी। इन मामलों को अमर उजाला की ओर से प्रमुखता से उठाया गया।
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Iस्वास्थ्य सचिव की ओर से खबर का संज्ञान लेते हुए अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है और इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों को मरीजों की सही से देखभाल के निर्देश दिए। साथ ही डीएमएस को इमरजेंसी के कार्यालय से सेवाएं देने के लिए कहा गया। बुधवार को इमरजेंसी की व्यवस्थाएं सुचारू नजर आईं।
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Iइमरजेंसी में प्राथमिक प्रबंधन को मजबूत करने के की दिशा में काम किया जा रहा है। मरीज को परेशान होकर वापस न लौटना पड़े, इसके लिए सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालयI

राजकुमार शर्मा सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर।संवाद

राजकुमार शर्मा सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर।संवाद

राजकुमार शर्मा सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर।संवाद

राजकुमार शर्मा सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर।संवाद