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रोशनी और आतिशबाजी संग मनाई दिवाली
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 24 Oct 2014 03:18 PM IST
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राजधानी देहरादून में दिवाली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शाम को लक्ष्मी पूजन के बाद दून का हर घर दीयों की रोशनी से जगमगा गया। रंग बिरंगी रंगोली के साथ सभी ने मां लक्ष्मी से आशीर्वाद मांगा।
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पूजा के बाद बच्चे पटाखों के साथ घर के बाहर इकट्ठे हो गए और खूब आतिशबाजी की। दिवाली के दिन प्रदोष, निशीथ और महानिशीथ काल में लक्ष्मी पूजन किया गया। प्रदोष काल का समय पूजन के लिए सबसे अच्छा बताया गया था। इसलिए इस वक्त लोगों ने लक्ष्मी पूजन किया।
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निशीथ, महानिशीथ काल में भी पूजन
दिवाली के पर्व पर प्रदोष काल में पूजा न कर पाने पर निशीथ काल एवं महानिशीथकाल में महालक्ष्मी, कुबेर पूजन एवं लेखनी पूजन किया।
निशीथ काल रात 8.10 बजे से 10.50 बजे तक रहा। रात 8.42 बजे से 8.56 बजे तक मिथुन लग्न का समय सबसे उपयुक्त रहा। महानिशीथकाल रात 10.50 से 1.26 बजे तक रहा।
दरिद्रता को घर से भगाया
इससे पहले बुधवार को लोग लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा की तैयारी में जुटे रहे। घर की सजावट की। रंग बिरंगी लाइटों से घर, मंदिर, दुकानें जगमगा गईं। ज्योतिषियों की मानें तो यदि विधि-विधान से दीपावली पर पूजा की जाए तो लक्ष्मी जी की कृपा बरसती है।
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आचार्य भरत राम तिवारी जब घर में लक्ष्मी जी का वास हो जाता है तो माना जाता है कि सुबह लक्ष्मी जी की बहन अलक्ष्मी (दरिद्र) को छाज बजाकर घर से भगाया जाता है।