उत्तराखंड की मशरूम लेडी को मिला नारी शक्ति पुरस्कार
मशरूम क्रांति के जरिये देश-दुनिया में नाम कमाने वाली दिव्या रावत को नारी शक्ति पुरस्कार 2016 से नवाजा गया।
आठ मार्च को महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुए कार्यक्रम में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार के रूप में उन्हें एक लाख रुपये की धनराशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
चमोली जिले के कोट कंडारा गांव से अपने अभियान की शुरूआत करने वाली दिव्या इसके जरिये ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और रिवर्स माइग्रेशन को गति देने के प्रयास में जुटी है।
उनके कार्यों को देखते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रालय ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनका चयन नारी शक्ति पुरस्कार के लिए किया है।
राज्यों के युवाओं को भी मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग दे रही हैं
दिव्या रावत उत्तराखंड ही नहीं देश के कई अन्य राज्यों के युवाओं को भी मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग दे रही हैं।
बड़ी संख्या में महिलाएं उनसे मशरूम उत्पादन सीखकर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। मोथरोवाला क्षेत्र में मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित करने वाली दिव्या रावत ने कहा कि यह केवल काम की शुरूआत भर हैं।
हमारा सपना उत्तराखंड को मशरूम स्टेट ऑफ इंडिया बनाना है, जिसके लिए हमारी पूरी टीम काम कर रही है। यह केवल मेरा नहीं बल्कि पूरे राज्य का सम्मान है।