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आखिर तहसील में क्या हो रहा था ऐसा, जो डीएम को देखते ही मच गई भगदड़

Sat, 17 Jun 2017 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sat, 17 Jun 2017 12:31 AM IST
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District magistert deepak rawat raid in haridwar tehsil

जिलाधिकारी दीपक रावत अचानक तहसील पहुंचे तो स्टांप वेंडरों में भगदड़ मच गई। अधिकांश वेंडर अपने बस्ते छोड़कर भाग खड़े हुए। लेक‌िन क्यों? ऐसा क्या हो रहा था वहां जो वहां डीएम को देखते ही भगदड़ मच गई।

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दरअसल, वहां प्रमाणपत्र के आवेदन फार्म के लिए भी तहसील परिसर में लोग भटकते मिले। डीएम के मांगने पर खुद तहसीलदार भी तत्काल फार्म उपलब्ध नहीं करा सकीं।

डीएम ने तहसीलदार को अव्यवस्थाओं पर फटकार लगाते हुए गैर हाजिर स्टांप वेंडरों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही जाति, मूल निवास और आय प्रमाण पत्रों के फार्म जनाधार केन्द्रों पर निशुल्क देने के निर्देश दिए हैं।     
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डीएम दीपक रावत जैसे ही तहसील में दाखिल हुए स्टांप वेंडर अपने अपने बस्ते छोड़कर भागने लगे। यह नजारा देखकर डीएम ही नहीं तहसील पहुंचे फरियादी भी हैरत में पड़ गए।
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पूरी तहसील में करीब 22 स्टांप वेंडर बताए जाते हैं, इनमें केवल दो स्टांप वेंडर ही अपने बस्तों पर बैठे पाए गए। इसके बाद डीएम प्रमाण पत्र बनाने वाले जनाधार केंद्रों पर पहुंचे।

आखिर बस्ता छोड़कर क्यों भागे वेंडर     

District magistert deepak rawat raid in haridwar tehsil

यहां ऐसा कहीं नहीं लिखा गया था कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाए। डीएम ने एक युवती को बुलाकर पूछा तो उसने बताया कि जाति प्रमाण बनवाना है, लेकिन फार्म नहीं मिल रहे हैं।

डीएम ने नाराजगी जताते हुए तहसीलदार सुनैना राणा को बुलाया और फार्म की बाबत पूछा। डीएम के फार्म मांगने पर तहसीलदार करीब 20 मिनट तक फार्म ही ढूंढती रही।

​स्टांप वेंडरों और फोटो स्टेट की दुकानों पर फार्म बिकने की बात भी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रमाण पत्रों के आवेदन फार्म जनाधार केंद्रों पर मुफ्त मिलने चाहिए। डीएम ने गैरहाजिर स्टांप वेंडरों को नोटिस जारी कर पूछा कि वे अपने बस्तों पर क्यों नहीं मिले हैं।

डीएम के तहसील पहुंचते ही स्टांप वेंडर अपने बस्ते छोड़कर क्यों भाग निकले। इसकी बारीकी से पड़ताल करने पर पता चलता है कि वेंडर निर्धारित कीमतों से ज्यादा रेट पर स्टांप बेचते हैं।

फार्म की बिक्री के नाम पर भी फरियादियों से मनमानी कीमत वसूली जाती है। ऐसे में शुक्रवार को डीएम के तहसील पहुंचने पर वेंडरों को लगा कि डीएम स्पेशल उन्हीं की धरपकड़ करने तहसील आए हैं। उन्होंने आव देखा न ताव, डीएम की गाड़ी देखकर बस्ता छोड़ भाग निकले।      

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