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टीचरों के ड्रेस कोड को लेकर अफसर और मंत्री में '36 का आंकड़ा'

Wed, 02 Aug 2017 02:15 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 02 Aug 2017 02:15 PM IST
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dispute on teacher dress code in uttarakhand
arvind pandey

शिक्षकों के ड्रेस कोड के मुद्दे पर उत्तराखंड शिक्षा विभाग में अजीबोगरीब बन गई है। जहां एक ओर अपर निदेशक प्राथमिक शिक्षा वीएस रावत की ओर से सभी जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य नहीं है, यह स्वैच्छिक है। वहीं, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि ड्रेस कोड अनिवार्य है।

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इस बीच ड्रेस कोड स्वैच्छिक होने संबंधी आदेश जारी होने के बाद भी शिक्षकों का विरोध जारी है। फिलहाल यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। अपर निदेशक वीएस रावत ने ड्रेस कोड के स्वैच्छिक होने के संबंध में जिला शिक्षाधिकारियों को 17 जुलाई को पत्र जारी कर दिया था।
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इधर, प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी। ड्रेस कोड समेत अन्य मामलों को लेकर शिक्षक नेताओं की मुख्यमंत्री के साथ बैठक आठ अगस्त को तय हुई है। बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री भी मौजूद रहेंगे।

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ड्रेस कोड एक अगस्त से लागू होना था

dispute on teacher dress code in uttarakhand
डेमो - फोटो : demo pic

शिक्षकों के लिए गहरे आसमानी नीले रंग की शर्ट और स्टील-ग्रे पेंट और शिक्षिकाओं के लिए आसमानी रंग की साड़ी ड्रेस कोड तय किया गया है। कहा गया था कि ड्रेस कोड एक अगस्त से लागू हो जाएगा।

शिक्षामंत्री के सख्त रुख के बावजूद टीचरों ने ड्रेस बनवाई तक नहीं, अलबत्ता एक प्रधानाचार्य ने निर्धारित ड्रेस पहनी तो उसे शिक्षक संघ से ही निकाल दिया। शिक्षकों के विरोध के चलते अधिकारी भी असमंजस में थे, आखिर अफसरों ने बीच का रास्ता निकाल लिया। 

ड्रेस कोड स्वैच्छिक है। इस संबंध में जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है।
- वीएस रावत, अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा 

ड्रेस कोड स्वैच्छिक नहीं अनिवार्य है। अधिकांश शिक्षक ड्रेस कोड का पालन कर रहे हैं। कुछ ही लोग हैं जिन्हें दिक्कत है। शिक्षा विभाग अनुशासन का विभाग है। सबको अनुशासित रहना चाहिए।
- अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री

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