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स्थापना दिवसः कहीं मिले लड्डू तो कहीं मिली मार
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 10 Nov 2013 09:55 AM IST
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राज्य स्थापना की 14वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड में आस-उत्साह के बीच आक्रोश भी दिखा। उम्मीदें थी आगे बेहतर कल की तो नाराजगी थी सपने टूट जाने की।
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'आज दो अभी दो' के जिस बुलंद नारे के साथ अपना उत्तराखंड हासिल किया था, उन्हीं आंदोनलकारियों की मुट्ठियां भी आज दो अभी दो के अंदाज में हिसाब मांगते तनी थीं। कहीं स्कूल, कहीं अस्पताल तो कहीं सड़क की उम्मीद में एक साल और गुजरने की खटास ने भी सालगिरह समारोहों को बेस्वाद बना दिया।
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विधानसभा भवन का भूमि पूजन
भराड़ीसैंण में 110 करोड़ की लागत से बनने वाले विधानसभा भवन और अन्य संबंधित भवनों का शनिवार को भूमि पूजन के साथ निर्माण शुरू हो गया। पहले चरण में विधानसभा भवन, विधायक, अधिकारी/कर्मचारी हॉस्टल तैयार किए जाएंगे।
दूसरे चरण में एनबीसीसी सचिवालय का निर्माण किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने विधानसभा भवन और संबंधित भवनों के निर्माण का श्रीगणेश किया।
पंडित शिवदत्त पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन संपन्न कराया। इस दौरान काबीना मंत्री अमृता रावत, सांसद सतपाल महाराज, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. अनुसूया प्रसाद मैखुरी, क्षेत्रीय विधायक आदि उपस्थित थे।
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हालांकि, इस बार भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन का शिलान्यास होने के दौरान लोगों में उत्साह नदारद दिखा। कैबिनेट बैठक की तरह जोशीमठ से लेकर गोपेश्वर, पोखरी, पिंडर घाटी और निकटवर्ती जिले रुद्रप्रयाग और बागेश्वर से लोग इस बार नहीं उमड़े।
लोगों ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने को लेकर राज्य आंदोलन परवान चढ़ा, लेकिन राज्य बनने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक दलों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। 12 साल बाद गैरसैंण में कैबिनेट और उसमें विधानसभा भवन निर्माण पर कुछ उम्मीद थी। अब रायपुर और भराड़ीसैंण में दो विधानसभा भवन निर्माण से गैरसैंण राजधानी के नाम पर केवल राजनीति है। इसीलिए जनता में उत्साह नहीं है।
महिला आंदोलनकारियों को पुलिस ने घसीटा
राज्य स्थापना दिवस पर देहरादून के कचहरी स्थित शहीद स्मारक स्थल पर बवाल हो गया। पुलिस ने हाथापाई और जमकर धक्कामुक्की के बाद महिला मंच की कार्यकत्रियों को गिरफ्तार कर लिया। वे यहां श्रद्धांजलि देने आए मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की मांग कर रही थीं।
पुलिस उन्हें घसीटते हुए ले गई, इस दौरान शहीद स्थल पर टूटी चूड़ियां बिखरी रहीं। 35 महिलाओं समेत 50 आंदोलनकारी गिरफ्तार किए गए। शनिवार को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सुबह 9.30 बजे कचहरी स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि देने आना था।
महिलाएं गेट के पास खड़ी हो गईं
उनके आने से पहले ही महिला मंच की अध्यक्ष निर्मला बिष्ट की अगुवाई में महिलाएं गेट के पास खड़ी हो गईं। सीएम के आने से कुछ देर पहले पुलिस उन्हें हटाने लगी। महिलाओं ने कहा कि वे सिर्फ सीएम को ज्ञापन देना चाहती हैं, लेकिन डीएम, एडीएम ने उन्हें जाने के लिए कहा। इस पर महिलाएं अड़ गईं और ज्ञापन लेने के बाद ही सीएम को स्मारक में घुसने की बात कही।
करीब 08:45 बजे पुलिस ने महिलाओं को घसीटना शुरू कर दिया। इस पर हाथापाई और धक्कामुक्की हो गई। पुलिस 35 महिलाओं और 15 पुरुष आंदोलनकारियों को दो वाहनों पर बैठाकर ले गई। घटना से शहीदस्थल के भीतर बैठे दूसरे आंदोलनकारी भी गुस्से में रहे।
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