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'बचीदा' को लेकर उत्तराखंड भाजपा में 'गुटबंदी'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 10 Mar 2014 08:00 PM IST
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उत्तराखंड भाजपा की अंदरुनी राजनीति अब हर पल करवट ले रही है। तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने बची सिंह रावत को सपोर्ट किया है।
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उधर, बचदा के इस्तीफे के बाद से ही ऐसे नेताओं की एक श्रृंखला तैयार हो गई हैं जो कि पार्टी के रवैये से खफा है। अब दिल्ली कूच की तैयारी हो रही है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल, पूरण चंद शर्मा व मनोहर कांत ध्यानी ने बचदा के दर्द को बांटा और सपोर्ट किया। चुफाल व शर्मा ने तो बचदा से मुलाकात की और ध्यानी ने टेलीफोन से कई बार संपर्क स्थापित किया।
टिकट देना पार्टी का काम
मसला यही है कि टिकट देना नहीं देना पार्टी का काम है, पैनल में नाम क्यों नहीं रखा गया। उधर, उपरोक्त चारों बड़े नेताओं के अलावा नैनीताल से बलराज पासी, पौड़ी से अनिल बलूनी व मोहन सिंह गांववासी, टिहरी से मुन्ना सिंह चौहान भी इस श्रंखला का हिस्सा बन चुके हैं। सभी के बीच लगातार संवाद स्थापित हो रहा है और तेरह मार्च से पहले किसी भी दिन दिल्ली कूच की तैयारी है। इनकेसाथ कुछ विधायक भी रहेंगे।
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अगली बैठक पर लग सकता है ग्रहण
भाजपा नेतृत्व ने यदि हालात काबू नहीं किए तो प्रत्याशी चयन को लेकर दिल्ली में आगामी तेरह मार्च को होने वाली बैठक पर भी ग्रहण लग सकता है। क्योंकि झगड़े की वजह से ही बैठक दो बार टल चुकी है। यदि स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो फिर इस बैठक के नतीजे को लेकर भी कुछ नहीं कहा जा सकता।
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