हरक के बयान ने हिला दी कांग्रेस की 'जड़ें'
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उत्तराखंड सरकार में कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने त्रिपाठी जांच आयोग का कार्यकाल तीन महीने बढ़ाए जाने के विरोध में अपनी ही सरकार को निशाने पर ले लिया है।
ढाई साल में आयोग की जांच से कुछ नहीं निकला तो अब विस्तार देने की क्या जरूरत है।
इससे सरकारी कोष की बर्बादी हो रही है और जनता का विश्वास टूट रहा है। हरक ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा की परिपाटी से बचना चाहिए।
BJP ने आयोग पर लुटाए करोड़ों
बेबाकी के लिए मशहूर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने त्रिपाठी जांच आयोग का कार्यकाल बढ़ाने पर उंगली उठाई है।
उन्होंने कहा कि 2007 के विस चुनाव में भाजपा ने जनता से वायदा किया था कि सत्ता में आते ही कांग्रेस के 56 घोटालों की जांच कराकर कार्रवाई होगी।
भाजपा ने पांच साल शासन किया, आयोग पर करोड़ों लुटाए और नतीजा सिफर।
कांग्रेस सत्ता में आई तो जांच आयोग बना
पिछले विस चुनाव में कांग्रेस ने भी सैफ गेम्स, महाकुंभ हरिद्वार, आपदा प्रबंधन व राहत कार्य समेत तमाम घोटाले गिनाकर आयोग से जांच कराकर कार्रवाई करने का वायदा जनता से किया।
कांग्रेस सत्ता में आई तो जांच आयोग बना। मैंने तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा से भी कहा कि हमारा आयोग कहीं भाजपा जैसा ना हो। लेकिन बहुगुणा ने समय सीमा केभीतर जांच रिपोर्ट लेकर कार्रवाई करने को कहा।
किन्हीं कारणों से बहुगुणा को जाना पड़ा और त्रिपाठी आयोग का कार्यकाल लगातार बढ़ रहा है।
कांग्रेस भी भाजपा की राह पर
हरक ने कहा कि आयोग का मतलब किसी को डराना नहीं बल्कि निष्पक्ष जांच करना होता है।
यदि कोई दोषी है तो कार्रवाई हो नहीं है तो क्लीन चिट मिले। लेकिन इस मामले में कांग्रेस भी भाजपा की राह पर है।
भाजपा पांच साल तक 56 घोटालों के आयोग से कांग्रेस को डराती रही और अब कांग्रेस भी यही काम कर रही है। इससे राजनीतिक दलों से जनता का भरोसा उठ जाता है।