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इतनी हुई डिलीवरी कि बढ़ानी पड़ी 'खटिया'
अमर उजाला, रुड़की
Updated Tue, 10 Sep 2013 07:46 PM IST
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रुड़की सिविल अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के सामने बेड भी कम पड़ गए हैं। अमूमन 55 तक रहने वाला भर्ती मरीजों का यह आंकड़ा अब 80 तक पहुंच गया है।
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जिसके चलते अस्पताल प्रबंधन ने एक अतिरिक्त वार्ड बनाकर 34 बेड बढ़ा दिए हैं। सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या में एकाएक इजाफा हो गया। जिसे देखकर अस्पताल प्रबंधन भी हैरान है।
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सिविल अस्पताल में रोजाना 50 से 55 मरीज भर्ती होते थे। लेकिन मौसम में आए परिवर्तन के चलते यह आंकड़ा बढ़कर 80 तक पहुंच गया है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर अस्पताल प्रबंधन को बेडों की संख्या भी बढ़ानी पड़ी।
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वार्ड में तब्दील कमरा
नीचे और दूसरी मंजिल पर बने वार्ड में बेड फुल होने के बाद ऊपरी मंजिल पर खाली पड़े एक कमरे को वार्ड में तब्दील किया गया है।
जिससे अस्पताल में बेड की कुल संख्या 106 तक हो गई है। सीएमस रविंद्र सिंह थपलियाल का कहना है कि मरीजों की संख्या देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाई गई है। पहली बार अस्पताल में इतनी संख्या में मरीज आ रहे हैं।
बीमारी के मौसम में बढ़े मरीज
बारिश में बीमारी का प्रकोप अधिक रहता है, लेकिन ऐसा इसी बार हुआ है कि सिविल अस्पताल में सभी बेड फुल हो गए हैं। डाक्टरों की माने तो बरसात में वायरल, डायरिया आदि की बीमारियां फैलती हैं। इसलिए मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।
खल रही फिजीशियन की कमी
सिविल अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड तो बढ़ा लिए गए, लेकिन फिजीशियन की तैनाती नहीं हो पाई। एक साल पहले डा. आशीष के इस्तीफा देने के बाद अस्पताल में किसी फिजीशियन की तैनाती नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि इस बाबत शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है।
डिलीवरी और नसबंदी के केस भी बढ़े
सिविल अस्पताल में बेड फुल होने के पीछे अधिक संख्या में डिलीवरी और नसबंदी के केस होना भी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि दो माह से नसबंदी कराने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है। साथ ही सिविल अस्पताल में डिलीवरी कराने वाली महिलाएं भी अधिक रही हैं। जिस कारण भी बेड फुल हैं।