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कृषि निदेशक ने तोड़ी चुप्पी, अब होगी वसूली
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 12 May 2014 03:52 PM IST
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बीच और कृषि रक्षा रसायनों की बिक्री में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले में आखिरकार ने कृषि निदेशक सीएस मेहरा ने चुप्पी तोड़ दी है।
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बैलेंस सीट बनाने के निर्देश दिए
उन्होंने कहा कि सरकारी रकम को छोड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता। रकम की रिकवरी कर्मचारियों और अधिकारियों से होगी। कृषि विभाग हर साल सब्सिडी पर किसानों को बीज और कृषि रक्षा रसायन बेचता है।
वर्ष 2007-08 से वर्ष 2012-13 तक करोड़ों रुपए का बीज और रसायन किसानों को दिया गया, लेकिन रकम अब तक सरकारी कोष में जमा नहीं हो पाई है।
कृषि निदेशक सीएस मेहरा ने कहा कि मामले में अधिकारियों को बैलेंस सीट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कई बार होता यह है कि सीजन में केमिकल की कम खपत होती है और इससे बकाया धनराशि बढ़ती रहती है।
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कई बार बीज पहले आ जाता है और रकम बाद में जमा होती है। जो धनराशि जमा नहीं हो पाई है उसकी रिकवरी की जाएगी। कर्मचारियों और अधिकारियों से इससे पहले भी रिकवरी हुई है।
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वहीं, कुछ अधिकारियों का कहना है कि वर्षों से बकाया रकम जमा न हुई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
वर्ष 2012-13 का कृषि रक्षा रसायनों का बकाया
जनपद - अवशेष धनराशि
पौड़ी - 7923685
चमोली - 157344
टिहरी - 2146982
उत्तरकाशी - 1762427
देहरादून - 4426935
अल्मोड़ा - 5215513
पिथौरागढ़ - 849513
हरिद्वार - 9803574
ऊधमसिंहनगर - 21676448
रुद्रप्रयाग - 328288
बागेश्वर - 1107602
चंपावत - 786683