{"_id":"9dc662a5309d83ebd0361d2c9545ba01","slug":"dinner-in-doon-school-postponed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर के लिए छोड़ दिया शाही डिनर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर के लिए छोड़ दिया शाही डिनर
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 19 Oct 2014 02:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश को कई बड़े राजनेता, अफसर दे चुका और अमीर घरानों के बीच खास पहचान रखने वाला द दून स्कूल एक बार फिर आम जनता के दर्द में सहारा बनकर सामने आया है।
विज्ञापन
स्थापना दिवस समारोह में आयोजित होने वाला शाही डिनर इस बार कश्मीर बाढ़ पीड़ितों के नाम कर दिया गया है। डिनर पर खर्च होने वाली 50 लाख रुपए की रकम कश्मीर के लिए दी जाएगी। स्कूल में शाही डिनर की परंपरा लगातार दूसरे साल भी पूरी नहीं की गई।
विज्ञापन
दून स्कूल के वार्षिक स्थापना दिवस समारोह के दौरान दो शाही डिनरों के आयोजन किए जाते हैं। स्कूल के ओल्ड ब्वायज खुद राशि जुटाकर इनका आयोजन करते थे। तीन हजार से अधिक अभिभावकों, छात्रों और अतिथियों के खाने के लिए खासतौर पर दिल्ली से शेफ बुलाए जाते हैं।
विज्ञापन
दोनों आयोजनों पर करीब 50 लाख रुपए का खर्चा आता है। वर्ष 2012 में स्कूल के 77वें स्थापना दिवस समारोह तक यह परंपरा निभाई जाती रही है। लेकिन वर्ष 2013 में उत्तराखंड में आई आपदा के बाद स्कूल ने शाही डिनर न कराने का निर्णय किया। डिनर की रकम राहत कोष को दी गई।
इस बार भी जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए शाही डिनर टाल दिया गया है। डिनर की रकम आपदा राहत कोष को दी जाएगी।
अपने खर्च पर किया डिनर
स्कूल के शाही डिनर न कराने के फैसले के बाद स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करने आए अभिभावक शनिवार रात डिनर करने अपने खर्च पर बाहर गए। इस दौरान वे अपने बच्चों को साथ ले गए।
120 करोड़ से बदलेगी सूरत
दून स्कूल में संस्थान कमेटी के चेयरमैन, पदाधिकारियों और ओल्ड ब्वायज की बैठक में स्कूल के विकास पर चर्चा की गई। हेडमास्टर पीटर मैक्लॉगिन ने बताया कि अगले पांच साल में स्कूल में 120 करोड़ रुपए से विभिन्न कार्य किए जाएंगे।
70 करोड़ रुपए से स्कूल का इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जाएगा। 35 करोड़ रुपए से मास्टर हाउसिंग, क्लासरूम और लैब तैयार की जाएगी। 15 करोड़ रुपए नए शिक्षकों की भर्ती और उनके विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और छात्रों की कॅरियर गाइडेंस पर खर्च किए जाएंगे।