{"_id":"67758f203f08bcd5b20ff314","slug":"digital-arrest-showed-fear-of-arrest-and-duped-rs-150-lakh-dehradun-news-c-5-1-drn1031-583860-2025-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun: मनी लांड्रिंग में गिरफ्तारी का डर दिखाकर किया डिजिटल अरेस्ट, ठगों ने ऐसे हड़पे 1.50 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun: मनी लांड्रिंग में गिरफ्तारी का डर दिखाकर किया डिजिटल अरेस्ट, ठगों ने ऐसे हड़पे 1.50 लाख रुपये
Thu, 02 Jan 2025 02:41 PM IST
देहरादून ब्यूरो
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2025 02:41 PM IST
सार
पीड़ित ने बताया कि 17 दिसंबर को उन्हें फोन आया, जिसने बताया कि उनके मोबाइल की सेवा दो घंटे के लिए समाप्त कर दी जाएगी। इसपर उनके कहने पर नौ नंबर दबाया तो फोन पुलिस स्टेशन मुंबई से जुड़ गया। फोन पर उसने खुद सब इंस्पेक्टर संदीप राव बताया। जिसने मनी लांड्रिंग के मामले में बताकर कार्रवाई का डर दिखाया गया।
विज्ञापन
- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
विस्तार
मनी लांड्रिंग में गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर 1.50 लाख रुपये ठग लिए। कुछ ही देर में पीड़ित ने अपने बेटे को इसके बारे में बताया तो ज्यादा ठगी से बच गया। ठगों ने पीड़ित को झांसे में लेने के लिए सीबीआई को शामिल करते हुए डर दिखाया। शिकायत पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
हाथीबड़कला के शक्ति कॉलोनी निवासी अवनीश कुमार अग्रवाल ने नगर कोतवाली पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि 17 दिसंबर को उन्हें फोन आया, जिसने बताया कि उनके मोबाइल की सेवा दो घंटे के लिए समाप्त कर दी जाएगी। इसपर उनके कहने पर नौ नंबर दबाया तो फोन पुलिस स्टेशन मुंबई से जुड़ गया। फोन पर उसने खुद सब इंस्पेक्टर संदीप राव बताया। जिसने मनी लांड्रिंग के मामले में बताकर कार्रवाई का डर दिखाया गया।
विज्ञापन
New Year 2025: उत्तराखंड में पिछले साल से इस बार दोगुने हुए वन डे बार लाइसेंस, आधे देहरादून में
विज्ञापन
ठग ने डर दिखाते हुए कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इस दौरान ठगों ने पीड़ित को अलग कमरे में जाने और किसी को कमरे में न आने को भी कहा गया। झांसे में लेने के लिए एक व्यक्ति का फोटो भी भेजा गया। पीड़ित को गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए बैंक में जमा रकम की जांच को कहा। झांसा दिया गया कि जांच के बाद रकम वापस कर दी जाएगी। पीड़ित ने गिरफ्तारी के डर से 1.50 लाख रुपये जमा कर दिए।I