धुमाकोट बस हादसा: रामनगर में बच्चों इंतजार कर रहे थे, लेकिन घर आई मौत की खबर
धुमाकोट में हुए बस हादसे में ऊधमसिंह नगर जिले के भोगपुर के दो मासूमों की भी जान चली गई। मां क्रांति देवी और पिता दिनेश सिंह रविवार को बच्चों के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि 11 वर्षीय बड़े बेटे अर्जुन और नौ साल की बेटी मानसी की मौत की मनहूस खबर आएगी।
दोनों बच्चों की मौत की खबर से घर-गांव में कोहराम मच गया। मां क्रांति देवी बेसुध हैं तो किस्मत को कोसते हुए पिता दिनेश सिंह का रो रोकर बुरा हाल है। ग्राम भोगपुर निवासी दिनेश सिंह के तीन बच्चे थे। बड़ा बेटा अर्जुन (11), मानसी (9) और गजेंद्र (6)। तीनों बच्चों की गर्मी की छुट्टियां पड़ीं तो अर्जुन और मानसी नानी के घर पौड़ी जिले की तहसील धुमाकोट के जेढ़धारतल्ला गांव चले गए।
रविवार को छुट्टियां खत्म होने पर मानसी और अर्जुन बस से घर लौट रहे थे। रामनगर से दिनेश उन्हें लेकर गांव आने वाले थे। दिनेश बच्चों के इंतजार में रामनगर पहुंच चुके थे। तभी उन्हें खबर मिली कि अर्जुन और मानसी जिस बस में सवार थे, वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई है और हादसे में दोनों बच्चों की मौत हो गई है।
मौत की खबर मिलते ही पिता हुए बदहवास, मां बेसुध
यह खबर मिलते ही दिनेश सिंह बदहवास हो गए। अर्जुन बढ़ियोवाला इंटर कॉलेज में छठी कक्षा तो मानसी गांव के ही प्राइमरी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ती थी।
मानसी के साथ ही उसका छोटा भाई गजेंद्र भी कक्षा एक में पढ़ता है। इधर, दोनों बच्चों की मौत की खबर मिलते ही उनकी मां क्रांति देवी भी बेसुध हो गईं। परिजनों को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा हुआ है। बच्चों के पिता आसपास के लोगों के साथ शव लेने के लिए रवाना हो गए।
इधर, बच्चों की मौत पर विधायक आदेश चौहान, बीईओ अनिल कुमार, उपशिक्षा अधिकारी आशाराम चौधरी आदि ने शोक जताया है। उधर, भोगपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मानसी उनके स्कूल में पढ़ती थी। मानसी की मौत पर सोमवार को स्कूल में शोक रहेगा।