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धर्म संसद: यति और अमृतानंद ने धर्माचार्यों को दी शास्त्रार्थ की चुनौती, कहा- पराजित हुए तो लेंगे जल समाधि

Mon, 21 Feb 2022 06:00 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 21 Feb 2022 06:00 PM IST
सार

महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि धर्म संसद को लेकर सनातन के कुछ संत अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

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Dharma sansad : Yeti and Amritananda gave the challenge of debate to the Dharmacharya in haridwar Uttarakhand
अनशन पर बैठे यति नरसिंहानंद - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तरी हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की रिहाई के लिए बैठे महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी और स्वामी अमृतानंद ने धर्म संसद की आलोचना करने वाले संतों को गंगाजल हाथ में लेकर शास्त्रार्थ की चुनौती दी है। इसके साथ ही घोषणा की है कि यदि वह शास्त्रार्थ में पराजित होते हैं तो जीवित ही जल समाधि ले लेंगे। 

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यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की रिहाई की प्रतीक्षा में गाजियाबाद के डासना स्थित देवी मंदिर के महंत व जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरी धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म संसद को लेकर सनातन के कुछ संत अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।
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हरिद्वार में मां गंगा के तट पर होगा शास्त्रार्थ
ऐसे संत किसी न किसी राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं। उनकी निष्ठा धर्म के साथ नहीं बल्कि अपने राजनीतिक आकाओं के साथ है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को वह और स्वामी अमृतानंद रामायण, श्रीमद्भागवत,  कुरान और इस्लामिक इतिहास के आधार पर शास्त्रार्थ की चुनौती देते हैं।
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उन्होंने कहा कि शास्त्रार्थ हरिद्वार में मां गंगा के तट पर होगा, जिसमें यदि वह और स्वामी अमृतानंद पराजित होते हैं तो मां गंगा की गोद में जलसमाधि ले लेंगे। उन्होंने कहा कि इस शास्त्रार्थ का प्रसारण पूरी दुनिया में होगा और हिंदू समाज ही इसमें हार जीत का निर्णय करेगा। इस दौरान स्वामी शैव शून्य, विक्रम सिंह यादव, सनोज शास्त्री, डा. अरविंद वत्स अकेला, डीके शर्मा आदि मौजूद थे। 

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