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'एक सप्ताह में बेनकाब होंगे रूबी कांड के गुनहगार'

Sat, 18 Apr 2015 11:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 18 Apr 2015 11:58 AM IST
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DGP siddhu statement on fake IAS case.

फर्जी आईएएस मामले में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी कानूनी चक्रव्यूह में फंसती नजर आ रही है। एसआईटी के हाथ अब तक र्कई ऐसे सबूत हाथ लग चुके हैं जो साफ इशारा कर रहे हैं कि रूबी चौधरी को ‘आईएएस’ बनाने के लिए ही पूरा खेल रचा गया था।

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डीजीपी बीएस सिद्धू का भी कहना है कि जांच अब लगभग अंतिम दौर में है। एक सप्ताह में मामले के सभी दोषियों से पर्दा उठा दिया जाएगा।

आईएएस अकादमी के उपनिदेशक सौरभ जैन के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस अफसर उत्साहित हैं। जैन से पूछताछ नहीं होने पर पुलिस, एसआईटी पर लगातार सवाल उठ रहे थे।
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सूत्रों की मानें तो रूबी प्रकरण में एसआईटी काफी साक्ष्य जुटा चुकी है। जांच में साफ हो गया है कि रूबी अकादमी में प्रशिक्षु आईएएस के तौर पर ही रह रही थी। राष्ट्रपति के साथ ग्रुप फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, लाइब्रेरी की किताबें और सुरक्षा कर्मियों के बयानों से इसकी पुष्ठि हो रही है।
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मकसद के बारे में जरूर माथापच्ची है, लेकिन इशारा यही है कि रूबी को आईएएस बनाया जाना था। जांच में यह सवाल अहम है कि पूरा खेल अकादमी स्तर का है या किसी और के इशारे पर इसे अंजाम दिया जा रहा था? बता दें कि पहले ही दो केंद्रीय मंत्रियों के नाम इस प्रकरण में उछल चुके हैं। डीजीपी बीएस सिद्धू की मानें तो जांच निर्णायक दौर में है।

रूबी की डायरी में लिखे हैं नोट्स

DGP siddhu statement on fake IAS case.

एसआईटी सूत्रों के अनुसार रूबी से एक डायरी मिली है। इसमें उसने आईएएस अकादमी में प्रशिक्षु आईएएस को दिए जाने वाले लेक्चर के कई नोट्स लिखे हैं। अब जांच की जा रही है कि नोट्स उसने प्रशिक्षुओं की कक्षाओं में बैठकर लिखे या किसी और से हासिल किए हैं।

राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे अधिकारियों के छूट रहे पसीने
अकादमी में फर्जीवाडे़ का खुलासा होने के बाद राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को पसीने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि फोटोग्राफ से पहले हुई रिहर्सल के दौरान भी वह मौके पर मौजूद थे।

इस दौरान हर प्रशिक्षु आईएएस के नाम की जानकारी लेने के साथ इन अधिकारियों ने उनकी परेड कर्राई थी। इसके बावजूद रूबी का पकड़ में नहीं आना सुरक्षा में चूक की ओर इशारा करता है।

23 नहीं, रूबी को मिलीं 58 किताबें

DGP siddhu statement on fake IAS case.

आईएएस अकादमी की लाइब्रेरी से रूबी चौधरी को 23 नहीं, 58 किताबें दी गई थीं। मामले के खुलासे की शुरुआत से ही खुद को बचाने की कोशिश में जुटे अकादमी प्रशासन के पास इसका जवाब नहीं है कि किताबें रूबी तक कैसे पहुंचीं?

लाइब्रेरी में न तो इनका कोई रिकॉर्ड है, न ही लाइब्रेरी की ओर से इनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई है।

शुक्रवार को खुलासा हुआ कि रूबी के पास मिली अकादमी की किताबों की संख्या 58 है। डीजीपी बीएस सिद्धू ने बताया कि लाइब्रेरी के कर्मचारी यह नहीं बता पा रहे हैं कि किताबें किसके नाम पर इश्यू हुई थीं। अकादमी में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है।

एसआईटी के सवाल पर कर्मचारियों ने यह भी कहा है कि उन्होंने इन किताबों का रिकॉर्ड नहीं देखा है। सूत्रों का कहना है कि ये किताबें भी अकादमी प्रशासन के गले की फांस बन सकती हैं।

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