होगा कलियर का कायाकल्प, सरकार ने खोला खजाना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसके पीछे सरकार का मकसद पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देना है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से बजट मिलने के बाद राज्य सरकार ने विकास कार्यों का जिम्मा गढ़वाल मंडल विकास निगम को सौंपा है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा
नवंबर 2012 को राज्य सरकार ने पिरान कलियर साबिर पाक दरगाह समेत उसके चारों ओर स्थित सात धार्मिक एवं स्मारक स्थलों के पर्यटन की दृष्टि से पर्यावरणीय विकास के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था।
7,98,92,000 रुपये के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 20 प्रतिशत बजट भी मिल गया है।
धार्मिक एवं स्मारक स्थलों पर पर्यटन
राज्य सरकार ने ईको टूरिज्म विकास कार्यों का जिम्मा गढ़वाल मंडल विकास निगम को सौंपा है। धार्मिक एवं स्मारक स्थलों के पर्यटन विकास के लिए टेंडर भी हो चुके हैं।
राज्य सरकार का मकसद इन धार्मिक एवं स्मारक स्थलों पर पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना है, ताकि पर्यटकों का इन स्थलों की ओर रुझान बना रहे।
यहां-यहां होंगे निर्माण कार्य
| स्थान बजट |
|
| चूड़ामणि देवी मंदिर चुड़ियाला | 47,69,000 |
| दरगाह साबिर पाक पिरान कलियर | 3,33,86,000 |
| शहीद राजा विजय सिंह स्मारक | 38,50,000 |
| दरगाह सिकंदरपुर | 28,13,000 |
| बहेड़की सैदाबाद | 27,73,000 |
| दरगाह सिकरोढ़ा-शाहमंसूर | 01,16,67,000 |
| भगवानपुर | 67,86,000 |