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Dehradun News: दून के लोग गाड़ी चलाने के दौरान नहीं लगाते सीट बेल्ट
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Iदेहरादून ही नहीं संभाग के हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी जिलों का भी यही हालI
यातायात नियमों के पालन के प्रयास के बाद भी दून के लोग लापरवाह बने हुए हैं। सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने को लेकर देहरादून के लोगों में जागरूकता नहीं आ पा रही है। सीट बेल्ट व हेलमेट नहीं लगाने पर सड़क परिवहन विभाग ने पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल चार गुने से अधिक चालान किए। अकेले देहरादून ही नहीं संभाग हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी जिले का भी यही हाल है।
सड़क परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार देहरादून संभाग में देहरादून और हरिद्वार के लोग नियमों का सबसे अधिक उल्लंघन कर रहे हैं। हेलमेट नहीं लगाने के अलावा, हेलमेट की गुणवत्ता और स्ट्रिप ठीक से नहीं लगाने के भी मामले सामने आ रहे हैं।
आरटीओ (प्रवर्तन) शैलेश तिवारी ने बताया कि हेलमेट न पहनने और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों का चालान काटा जा रहा है। एक बार चालान के बाद भी मानने पर गाड़ी को सीज करने और लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई की जा रही है।
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Iहेलमेट पर रिफ्लेक्टर अनिवार्यI
सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़े कम करने के लिए परिवहन विभाग ने दोपहिया सवार के लिए हेलमेट पर रिफ्लेक्टर युक्त लाल रंग की पट्टी अनिवार्य कर दी है। यह पट्टी रात में रोशनी पड़ने पर दूर से चमकती है। अंधेरा होने पर भी सामने या पीछे आ रहे वाहन चालक को वाहन की उपस्थिति का पता लग जाएगा। इसका भी पालन नहीं किया जा रहा है।
Iओवरस्पीड और रेड लाइट जंप करने में आगेI
दुर्घटना नियंत्रण के कई प्रमुख कारणों में ओवरस्पीड, रेड लाइट जंप, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करना, नशे का सेवन कर वाहन चलाना, माल वाहन में ओवरलोड, माल वाहन में यात्री ढोना आदि है। दून के वाहप चालक इस श्रेणी में भी यातायात नियमों का खूब उलंघन कर रहे हैं। वर्ष 2022 में इस श्रेणी में 12483 लोगों के चालान किए गए वहीं वर्ष 2023 में अब तक 14404 लोगों के चालान किए जा चुके हैं।
Iमौजूदा साल में 75 फीसदी अधिक चालानI
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले मान नहीं रहे हैं। सड़क परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में अब तक 75 फीसदी अधिक चालान किए जा चुके हैं, जबकि 17 फीसदी अधिक वाहनों को बंद किया गया, वहीं 33 फीसदी अधिक शमन शुल्क वसूला गया।
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यातायात नियमों के पालन के प्रयास के बाद भी दून के लोग लापरवाह बने हुए हैं। सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने को लेकर देहरादून के लोगों में जागरूकता नहीं आ पा रही है। सीट बेल्ट व हेलमेट नहीं लगाने पर सड़क परिवहन विभाग ने पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल चार गुने से अधिक चालान किए। अकेले देहरादून ही नहीं संभाग हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी जिले का भी यही हाल है।
सड़क परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार देहरादून संभाग में देहरादून और हरिद्वार के लोग नियमों का सबसे अधिक उल्लंघन कर रहे हैं। हेलमेट नहीं लगाने के अलावा, हेलमेट की गुणवत्ता और स्ट्रिप ठीक से नहीं लगाने के भी मामले सामने आ रहे हैं।
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आरटीओ (प्रवर्तन) शैलेश तिवारी ने बताया कि हेलमेट न पहनने और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों का चालान काटा जा रहा है। एक बार चालान के बाद भी मानने पर गाड़ी को सीज करने और लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई की जा रही है।
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Iहेलमेट पर रिफ्लेक्टर अनिवार्यI
सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़े कम करने के लिए परिवहन विभाग ने दोपहिया सवार के लिए हेलमेट पर रिफ्लेक्टर युक्त लाल रंग की पट्टी अनिवार्य कर दी है। यह पट्टी रात में रोशनी पड़ने पर दूर से चमकती है। अंधेरा होने पर भी सामने या पीछे आ रहे वाहन चालक को वाहन की उपस्थिति का पता लग जाएगा। इसका भी पालन नहीं किया जा रहा है।
Iओवरस्पीड और रेड लाइट जंप करने में आगेI
दुर्घटना नियंत्रण के कई प्रमुख कारणों में ओवरस्पीड, रेड लाइट जंप, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करना, नशे का सेवन कर वाहन चलाना, माल वाहन में ओवरलोड, माल वाहन में यात्री ढोना आदि है। दून के वाहप चालक इस श्रेणी में भी यातायात नियमों का खूब उलंघन कर रहे हैं। वर्ष 2022 में इस श्रेणी में 12483 लोगों के चालान किए गए वहीं वर्ष 2023 में अब तक 14404 लोगों के चालान किए जा चुके हैं।
Iमौजूदा साल में 75 फीसदी अधिक चालानI
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले मान नहीं रहे हैं। सड़क परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में अब तक 75 फीसदी अधिक चालान किए जा चुके हैं, जबकि 17 फीसदी अधिक वाहनों को बंद किया गया, वहीं 33 फीसदी अधिक शमन शुल्क वसूला गया।