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17 साल बाद इन पांच जिलों में बिकेगी देसी शराब, इसलिए हुई थी बैन

ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 21 May 2017 08:57 AM IST
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 Desi liquor will sale in five districts after 17 years

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17 साल बाद उत्तराखंड में गढ़वाल मंडल के पांच ज‌िलों में देसी शराब ब‌िकेगी। राज्य सरकार ने इसके ल‌िए पूरी रणनीत‌ि तैयार कर ली है। 
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उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली में भी देसी शराब की बिक्री हो सकेगी। इन जिलों में राज्य गठन से पहले से ही देसी शराब की बिक्री प्रतिबंधित है।


नई आबकारी नीति के एक प्रावधान से इन जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में देसी शराब की बिक्री का रास्ता साफ होता दिख रहा है। इस प्रावधान के मुताबिक पूरे प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में देसी और अंग्रेजी शराब की मिश्रित दुकानें खोलीं जा सकेंगी।

इसके लिए आबकारी आयुक्त से अनुमति लेनी होगी। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि शराब की तस्करी और कच्ची शराब पर नकेल कसने के लिए यह व्यवस्था की गई है। 

राज्य गठन से पहले 1990 तक गढ़वाल के पांच जनपदों में देसी शराब के लिए परमिट की व्यवस्था लागू थी। इसका दुरुपयोग होने की स्थिति में इन पांचों जनपदों में देसी शराब की बिक्री की पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

यह प्रतिबंध राज्य गठन के बाद भी जारी रहा। 2016-17 की आबकारी नीति में भी इन जनपदों में देसी शराब की दुकान नहीं खोली गई थी। नई आबकारी नीति में यह व्यवस्था की गई है कि पूरे प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों को छोड़कर शेष स्थानों पर देसी और अंग्रेजी शराब की मिश्रित दुकानें आबकारी आयुक्त की अनुमति के बाद खोली जा सकती हैं।
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गढ़वाल के पांच जनपदों में शराब के दुकानों की संख्या 

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