डिप्टी डायरेक्टर को बालगृह, नारी निकेतनों की जिम्मेदारी
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नारी निकेतन में संवासिनी प्रकरण के खुलासे के बाद असहज शासन और समाज कल्याण विभाग अब कायदे से बालगृहों और नारी निकेतनों की वास्तविक स्थिति पता कर रहा है। निदेशक समाज कल्याण वीएस धनिक ने डिप्टी डायरेक्टर वंदना सिंह को समाज कल्याण के साथ महिला कल्याण की भी जिम्मेदारी दे दी है।
डिप्टी डायरेक्टर प्रदेश के सारे बालगृहों, नारी निकेतनों की वस्तुस्थिति पता कर रिपोर्ट देंगी। साथ ही त्रैमासिक निरीक्षण रोस्टर तैयार किया गया है।
निदेशक समाज कल्याण धनिक ने बताया कि विभागीय अफसर रोस्टर के मुताबिक हर तीन महीने में सभी बालगृहों और नारी निकेतनों का निरीक्षण करेंगे। संस्थाओं की व्यवस्था को बारीकी से देखने के बाद रिपोर्ट देंगे। साथ ही विभाग ने अफसरों की रिपोर्ट की सत्यता जानने के लिए क्रॉस चेकिंग की भी व्यवस्था कर दी है।
एक जिले के प्रोबेशन अधिकारी को दूसरे जिले के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी त्रैमासिक निरीक्षण रिपोर्ट को क्रॉस चेक करेगा। निदेशक का कहना है कि इससे कोई कमी छिप नहीं पाएगी।
नारी निकेतन के लिए मांगा आठ कर्मचारियों का स्टाफ
वहीं, दून नारी निकेतन के लिए विभाग ने प्रांतीय विकास दल से आठ कर्मचारियों का स्टाफ मांगा है। इसमें चार केयर टेकर, दो सफाई कर्मी और दो कर्मचारी कपड़े धोने के लिए तैनात किए जाएंगे। शासन ने नारी निकेतन में प्रशिक्षित मैट्रन को तत्काल प्रभाव से नियुक्त किए जाने के आदेश कर दिए हैं जिससे नारी निकेतन की व्यवस्था पटरी पर आ सके
डिप्टी सीपीओ के लिए इंटरव्यू 10 दिसंबर को
गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में सालों से खाली पड़े डिप्टी चीफ प्रोबेशन अफसर (सीपीओ) के पदों को अब शासन जल्दी से जल्दी भरना चाहता है। इंटरव्यू के लिए शासन ने 10 दिसंबर तिथि निश्चित कर दी है। डिप्टी सीपीओ के लिए वॉक इन इंटरव्यू लिए जाएंगे। सचिव समाज कल्याण भूपिंदर कौर औलख इंटरव्यू लेंगी। अभी तक विभाग में लोक सेवा आयोग की नियुक्तियों के चक्कर में खाली पड़े हुए थे। डिप्टी सीपीओ के पास पूरे मंडल के बालगृहों और नारी निकेतनों की व्यवस्था की जिम्मदारी रहेगी।