फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Deputation of state teachers serving in UP Bihar canceled Dhan Singh Rawat gave instructions Uttarakhand news

Uttarakhand: यूपी-बिहार में सेवा दे रहे प्रदेश के शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द, शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश

Mon, 20 Mar 2023 04:24 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 20 Mar 2023 04:24 AM IST
सार

प्रतिनियुक्ति अधिकतम पांच साल के लिए होती है, इसके बाद संबंधित को मूल संवर्ग में वापस आना होता है, लेकिन उत्तराखंड के कई शिक्षक पिछले 14 साल या फिर इससे भी अधिक समय से विभिन्न राज्यों में प्रतिनियुक्ति के नाम पर तैनात हैं। 

विज्ञापन
Deputation of state teachers serving in UP Bihar canceled Dhan Singh Rawat gave instructions Uttarakhand news
बैठक लेते धन सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य में शिक्षकों की कमी के बावजूद वर्षों से उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में तैनात शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द होगी। शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने शिक्षा सचिव रविनाथ रमन को इसके निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि संबंधित शिक्षकों के साथ ही इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर इस तरह के शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी।

विज्ञापन

कार्मिक विभाग के शासनादेश के मुताबिक प्रतिनियुक्ति अधिकतम पांच साल के लिए होती है, इसके बाद संबंधित को मूल संवर्ग में वापस आना होता है, लेकिन उत्तराखंड के कई शिक्षक पिछले 14 साल या फिर इससे भी अधिक समय से विभिन्न राज्यों में प्रतिनियुक्ति के नाम पर तैनात हैं। विधानसभा सत्र के दौरान यह मामला सामने आने पर विभागीय मंत्री ने इस तरह के सभी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत का कहना है कि प्रतिनियुक्ति पर जितने भी लोग राज्य से बाहर हैं। उनकी ओर से कार्मिक विभाग के शासनादेश का उल्लंघन किया गया है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। संबंधित शिक्षक के साथ ही पांच साल से अधिक समय तक जिसने इन्हें तैनाती की अनुमति दी उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

मंत्री ने कहा कि प्रतिनियुक्ति अध्ययन के लिए जाने वाले, राज्य का नाम रोशन करने के लिए जाने वाले या फिर कुछ अन्य मामलों में दी जाती है, लेकिन पांच साल से ज्यादा समय तक नहीं दिया जा सकता है। इस तरह के सभी शिक्षकों को नोटिस जारी किया जाएगा। इन्हें यह भी कहा जाएगा कि अपनी सेवाएं, वहीं ले जाएं जिस राज्य में प्रतिनियुक्ति पर हैं।

दिल्ली, यूपी, बिहार में सेवा दे रहे यह शिक्षक

विधानसभा में यह प्रकरण सामने आया था। बताया गया कि राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों के शिक्षक राज्य से बाहर विभिन्न प्रदेशों में प्रतिनियुक्ति पर हैं। इनमें जीआईसी बाडा डांडा पौड़ी में प्रवक्ता डाॅ. विनोद कुमार मिश्रा वर्ष 2017 से सर्व शिक्षा अभियान अब समग्र शिक्षा अभियान इलाहाबाद उत्तर प्रदेश में समन्वयक के पद पर कार्यरत हैं। जीआईसी भीमताल नैनीताल में प्रवक्ता जगन्ननाथ पांडेय प्रमुख सचिव यूपी के आदेश पर अप्रैल 1998 से आंबेडकर नगर उत्तर प्रदेश में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इसी तरह कुछ अन्य शिक्षक दिल्ली और यूपी में प्रतिनियुक्ति पर हैं।

ये भी पढ़ें...Dehradun: प्रदेश के एकल शिक्षक वाले स्कूल बंद नहीं होने देंगे, बोले शिक्षा मंत्री- जल्द की जाएगी व्यवस्था

अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था मामला

उत्तराखंड के शिक्षकों के यूपी, बिहार में सेवा देने के मामले को अमर उजाला ने शुक्रवार 17 मार्च के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed