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मौसम होगा कूल तो डेंगू को जाइए भूल
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 28 Sep 2015 02:56 PM IST
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ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू का प्रकोप कम होता जाएगा। 23 डिग्री के करीब पारा पहुंचते ही डेंगू मच्छर का विकास रुकने लगता है। 16 डिग्री तक तापमान आने पर यह पूरी तरह खत्म हो जाता है।
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यह दावा डेंगू मच्छर पर शोध करने वाले डीएवी पीजी कॉलेज के जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरके जौहरी ने किया है। डॉ. जौहरी के अनुसार, डेंगू का लार्वा तापमान घटने के साथ ही प्यूपा से आगे नहीं बढ़ पाता है। नए मच्छर पैदा नहीं होते तो डेंगू का प्रकोप खत्म हो जाता है।
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डॉ. जौहरी ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के प्रोजेक्ट ‘सर्विलिएंस ऑफ एडिस मॉस्क्यूटो विद स्पेशल रेफरेंस टू इस्टैबिलिशमेंट ऑफ डेंगू इन डिस्ट्रिक्ट देहरादून’ के तहत शोध किया है। बताया कि डेंगू का लार्वा एक निश्चित तापमान पर प्यूपा में बदलता है।
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यह प्यूपा मच्छर में बदल जाता है। जैसे ही तापमान 25 डिग्री से नीचे आना शुरू होगा तो प्यूपा की आगे की प्रक्रिया बंद हो जाती है। 23 डिग्री तापमान आने पर डेंगू मच्छर का विकास कम होना शुरू होता है और 16 डिग्री तक तापमान आने पर यह पूरी तरह खत्म हो जाता है।
करीब 19 डिग्री तक पहुंच चुका है दून का न्यूनतम तापमान
दून में दिन का पारा भले ही 30 डिग्री तक पहुंच रहा हो, लेकिन न्यूनतम तापमान करीब 19 डिग्री तक गिर चुका है। रविवार को भी न्यूनतम तापमान 19.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बीते सप्ताह में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री से 23 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया। इसी दौरान अधिकतम तापमान 27 तक रहा था।
खास बातें
- डेंगू मच्छर को टाइगर मॉस्क्यूटो कहा जाता है, इसके पेट पर धारियां होती हैं।
- डेंगू मच्छर का रंग बेहद काला होता है, जिससे इसकी धारियां चमकती हैं।
- डेंगू मच्छर ज्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ पाता है।
- डेंगू मच्छर हरी मिर्च के पौधे के आसपास खूब पनपता है, लेकिन यदि वहां गेंदे का पौधा रख दिया जाए तो भागता है।
- डेंगू का मच्छर दिन में ही सक्रिय रहता है। शाम ढलते ही इसकी शक्ति खत्म हो जाती है।