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Dehradun News: वायरल फीवर में डेंगू जैसे लक्षण, स्वस्थ होने में लग रहे 10 दिन
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पछवादून और जौनसार बावर क्षेत्र में वायरल फीवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उप जिला अस्पताल विकासनगर की सामान्य और बाल रोग की ओपीडी में आने वाले आधे मरीज वायरल फीवर से ग्रस्त मिल रहे हैं। हैरानी की बात है मरीजों को सभी लक्षण डेंगू से मिलते जुलते हैं। लेकिन, डेंगू की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। कई मरीजों को स्वस्थ होने में 10 दिन का समय लग रहा है। स्वस्थ होने के बाद भी शारीरिक कमजोरी दूर होने में लंबा समय लग रहा है। विशेषज्ञ वायरल फीवर के नए स्ट्रेन को इसका कारण मान रहे हैं।
उप जिला अस्पताल विकासनगर में सामान्य रोग चिकित्सा ओपीडी में रोजाना करीब 50 मरीज तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, कमजोरी, उल्टी, कब्ज या दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, बाल रोग की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या 25 से 30 के बीच हैं। कई मरीजों के शरीर पर लाल चक्कते दिख रहे हैं। डेंगू के संदिग्ध लक्षणों के देखते हुए विशेषज्ञ मरीजों की डेंगू की रैपिड एंटीजन, टाइफाइड, मलेरिया, सीबीसी आदि जांच लिख रहे हैं। लेकिन, डेंगू की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। अधिकतर मरीजों के खून में प्लेटलेट्स की संख्या भी सामान्य हैं। हालांकि, कुछ मरीजों के खून में प्लेटलेट्स की संख्या सामान्य से कम भी मिल रही है। विशेषज्ञ इसे वायरल फीवर का ही संंक्रमण मान रहे हैं।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केशर सिंह चौहान बताते हैं यह वायरल फीवर का नया स्ट्रेन है। वायरल फीवर के नए स्ट्रेन आते रहते हैं। इनके संक्रमण के लक्षण और ऊष्मायन अवधि (इन्क्यूबेशन टाइम) भी अलग-अलग होती है। सामान्यत: पांच दिन में वायरल फीवर का संक्रमण दूर हो जाता है। लेकिन, नए स्ट्रेन में मरीजों को स्वस्थ होने 10 दिन का समय भी लग रहा है। वहीं, अस्पताल के सीएमएस डॉ. विजय सिंह ने बताया कि बार-बार हाथ धोने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाते समय मास्क पहनने, दूसरों का रूमाल, तकिया आदि प्रयोग न करने, पौष्टिक और सुपाच्य भोजन करने से वायरल फीवर से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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मरीज के तीमारदार असमंजस के चलते बरत रहे दोहरी एहतियात
वायरल फीवर से ग्रस्त मरीजों के तीमारदार असमंजस के चलते दोहरी एहतियात बरत रहे हैं। डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, लेकिन वह मरीजों को नारियल का पानी, गिलोय, पपीते के पत्ते, कीवी फल आदि का सेवन करवा रहे हैं। मरीजों को खाने में तरल भोजन दिया जा रहा है। यहीं नहीं मरीजों को बकरी का दूध भी पीने के लिए दिया जा रहा है
डेंगू का संक्रमण कम पर बढ़ रही नारियल पानी और कीवी की मांग
बाजारों में इन दिनों नारियल पानी और कीवी की मांग बढ़ रही है। नारियल 70 से 80 रुपये और कीवी का फल 50 से 70 रुपये में प्रति नग के हिसाब से मिल रहा है। इसका कारण वायरल फीवर के दौरान भी इन फलों का सेवन करना माना जा रहा है।
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उप जिला अस्पताल विकासनगर में सामान्य रोग चिकित्सा ओपीडी में रोजाना करीब 50 मरीज तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, कमजोरी, उल्टी, कब्ज या दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, बाल रोग की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या 25 से 30 के बीच हैं। कई मरीजों के शरीर पर लाल चक्कते दिख रहे हैं। डेंगू के संदिग्ध लक्षणों के देखते हुए विशेषज्ञ मरीजों की डेंगू की रैपिड एंटीजन, टाइफाइड, मलेरिया, सीबीसी आदि जांच लिख रहे हैं। लेकिन, डेंगू की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। अधिकतर मरीजों के खून में प्लेटलेट्स की संख्या भी सामान्य हैं। हालांकि, कुछ मरीजों के खून में प्लेटलेट्स की संख्या सामान्य से कम भी मिल रही है। विशेषज्ञ इसे वायरल फीवर का ही संंक्रमण मान रहे हैं।
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वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केशर सिंह चौहान बताते हैं यह वायरल फीवर का नया स्ट्रेन है। वायरल फीवर के नए स्ट्रेन आते रहते हैं। इनके संक्रमण के लक्षण और ऊष्मायन अवधि (इन्क्यूबेशन टाइम) भी अलग-अलग होती है। सामान्यत: पांच दिन में वायरल फीवर का संक्रमण दूर हो जाता है। लेकिन, नए स्ट्रेन में मरीजों को स्वस्थ होने 10 दिन का समय भी लग रहा है। वहीं, अस्पताल के सीएमएस डॉ. विजय सिंह ने बताया कि बार-बार हाथ धोने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाते समय मास्क पहनने, दूसरों का रूमाल, तकिया आदि प्रयोग न करने, पौष्टिक और सुपाच्य भोजन करने से वायरल फीवर से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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मरीज के तीमारदार असमंजस के चलते बरत रहे दोहरी एहतियात
वायरल फीवर से ग्रस्त मरीजों के तीमारदार असमंजस के चलते दोहरी एहतियात बरत रहे हैं। डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, लेकिन वह मरीजों को नारियल का पानी, गिलोय, पपीते के पत्ते, कीवी फल आदि का सेवन करवा रहे हैं। मरीजों को खाने में तरल भोजन दिया जा रहा है। यहीं नहीं मरीजों को बकरी का दूध भी पीने के लिए दिया जा रहा है
डेंगू का संक्रमण कम पर बढ़ रही नारियल पानी और कीवी की मांग
बाजारों में इन दिनों नारियल पानी और कीवी की मांग बढ़ रही है। नारियल 70 से 80 रुपये और कीवी का फल 50 से 70 रुपये में प्रति नग के हिसाब से मिल रहा है। इसका कारण वायरल फीवर के दौरान भी इन फलों का सेवन करना माना जा रहा है।