उत्तराखंड: डेंगू से युवक की इलाज के दौरान मौत, आप भी इस तरह से बरतें सावधानी
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डेंगू से पीड़ित मरीज की जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। डेंगू से किसी मरीज की मौत होने का यह राज्य में पहला मामला है। मरीज की मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हिमालयन अस्पताल पहुंचे और जानकारी ली। जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी ने बताया कि मरीज पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला था और ऋषिकेश में रहकर गाड़ी चलाता था।
पौड़ी गढ़वाल निवासी 38 वर्षीय युवक को बीमार होने पर पहले ऋषिकेश के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल रेफर कर दिया। वहां अस्पताल के विशेषज्ञाें ने मरीज का एलाइजा टेस्ट कराया तो उसमें डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी सीएमओ कार्यालय को दी तो जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम हिमालयन अस्पताल पहुंची और मरीज के बारे में जानकारी ली।
जिला मलेरिया अधिकारी जोशी ने बताया कि अस्पताल में ऋषिकेश का पता दर्ज कराने की वजह से उसके असली नाम पते के बारे में जानकारी जुटाने में मुश्किल हुई। मरीज के मौत की जानकारी पौड़ी निवासी परिजनों को दे दी गई है। दूसरी ओर डेंगू से मरीज की मौत की जानकारी स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत, सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता समेत कई अफसरों को दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि डेंगू के अब तक पूरे राज्य में दर्जन भर मामले सामने आए हैं। ज्यादातर मामले माइग्रेटरी डेंगू के हैं और सभी मरीज समय रहते इलाज कराकर स्वस्थ हो गए।
सावधानी बरतें, एहतियाती उठाएं
सावधानी बरतें, एहतियाती उठाएं
जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी का कहना है कि अभी तो समय समय पर जोरदार बारिश हो रही है। ऐसे में डेंगू का लार्वा पनपने से पहले ही नष्ट हो रहा है, लेकिन यदि बारिश थमने के साथ ही धूप निकलती है तो एक बार फिर मलेरिया और डेंगू का प्रकोप तेजी से फैल सकता है। ऐसे में कुछ एहतियाती कदम उठाकर बीमारियों से बचा जा सकता है।
डेंगू के लक्षण
- मरीज को तेज बुखार (105 फारेनहाइट तक) होता है।
- गंभीर सिरदर्द होता है।
- मरीज के हड्डियों, शरीर के सभी जोड़ व मांसपेशियों में गंभीर दर्द होता है।
- मरीज को चक्कर आने लगता है।
- मरीज को उल्टियां शुरू हो जाती है।
- स्थिति गंभीर होने पर मसूड़ों व नाक से खून आने लगता है।
ऐसे करें डेंगू, मलेरिया से बचाव
ऐसे करें डेंगू, मलेरिया से बचाव
- जहां भी पानी जमा हो, उसमें मिट्टी का तेल, डीजल या जला मोबिल डाल दें।
- घर के आसपास पानी जमा हो तो उसमें नीम की पत्ती, नीमकौड़ी डाल दें।
- घर में पोंछा लगाने के लिए फिनाइल का इस्तेमाल करें।
- शाम होने के बाद पूरी आस्तीन का कपड़ा पहनें। हाथ पैर कतई खुला न छोड़े।
- कूलर हटाने के साथ ही पानी निकाल दें।
- संभव हो तो मच्छरदानी लगाकर सोएं।
कपूर, नारियल तेल मिलाकर शरीर पर लगाएं
मच्छरों से बचने के लिए क्वाइल, अगरबत्ती का इस्तेमाल करने के बाद भी राहत न मिले या इनके प्रयोग से उलझन हो रही हो तो नारियल तेल में कपूर मिलाकर थोड़ा थोड़ा हाथ, पैर, गरदन में लगाएं। कपूर की गंध से मच्छर दूर रहते हैं और त्वचा को भी इसका लाभ मिलता है।