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डेंगू का कहर, 12 मरीजों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि, अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी
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कोरोना के साथ ही जिले में अब डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुुताबिक, मंगलवार को जिले में डेंगू संक्रमण के 12 मामले सामने आए, जिनमें तीन महिलाएं और नौ पुरुष शामिल हैं। फिलहाल सभी का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा, जबकि कुछ मरीज घर पर इलाज करा रहे हैं।
उधर, जिले में डेंगू मरीजों का ग्राफ बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर उन तमाम इलाकों में दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया गया है, जहां डेंगू के मरीज सामने आए हैं। इतना ही नहीं डेंगू बीमारी से लोगों को बचाया जा सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता अभियान भी शुरू किया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी ने बताया कि फिलहाल जिले में अब तक डेंगू के 67 मामले सामने आए हैं। जिन मरीजों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है, उसमें से ज्यादातर मरीज इलाज कराने के बाद ठीक हो चुके हैं। फिलहाल बीमारी से एक भी मौत नहीं हुई है।
बताया कि डेंगू न फैलने पाए, इसके लिए उन तमाम इलाकों में दवाइयों का छिड़काव कराने के साथ ही फॉगिंग कराई जा रही, जहां डेंगू के मामले सबसे अधिक आए गए हैं। इतना ही नहीं डेंगू संक्रमण न हो इसके लिए विभाग की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। वहीं, सीएमओ डॉ. मनोज कुमार उप्रेती ने जिला अस्पताल कोरोनेशन, गांधी शताब्दी अस्पताल के अलावा मसूरी, डोईवाला, प्रेमनगर, ऋषिकेश के अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया कि अस्पतालों में डेंगू वार्ड बनाने के साथ ही इलाज की पुख्ता व्यवस्था कर ली जाए। कहा कि जिस भी मरीज के डेंगू के लक्षण दिखाई दें। तत्काल एलाइजा टेस्ट कराया जाए, ताकि इस बात की पुष्टि की जा सके कि डेंगू है या नहीं।
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उधर, जिले में डेंगू मरीजों का ग्राफ बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर उन तमाम इलाकों में दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया गया है, जहां डेंगू के मरीज सामने आए हैं। इतना ही नहीं डेंगू बीमारी से लोगों को बचाया जा सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता अभियान भी शुरू किया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी ने बताया कि फिलहाल जिले में अब तक डेंगू के 67 मामले सामने आए हैं। जिन मरीजों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है, उसमें से ज्यादातर मरीज इलाज कराने के बाद ठीक हो चुके हैं। फिलहाल बीमारी से एक भी मौत नहीं हुई है।
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बताया कि डेंगू न फैलने पाए, इसके लिए उन तमाम इलाकों में दवाइयों का छिड़काव कराने के साथ ही फॉगिंग कराई जा रही, जहां डेंगू के मामले सबसे अधिक आए गए हैं। इतना ही नहीं डेंगू संक्रमण न हो इसके लिए विभाग की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। वहीं, सीएमओ डॉ. मनोज कुमार उप्रेती ने जिला अस्पताल कोरोनेशन, गांधी शताब्दी अस्पताल के अलावा मसूरी, डोईवाला, प्रेमनगर, ऋषिकेश के अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया कि अस्पतालों में डेंगू वार्ड बनाने के साथ ही इलाज की पुख्ता व्यवस्था कर ली जाए। कहा कि जिस भी मरीज के डेंगू के लक्षण दिखाई दें। तत्काल एलाइजा टेस्ट कराया जाए, ताकि इस बात की पुष्टि की जा सके कि डेंगू है या नहीं।
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