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राज्य आंदोलनकारियों ने भरी हुंकार, मसूरी के शहीद स्थल पर दिया धरना, राज्य में सख्त भू -कानून लागू करने की मांग
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राज्य आंदोलनकारियों ने भरी हुंकार, मसूरी के शहीद स्थल पर दिया धरना। संवाद
- फोटो : MUSSOORIE
राज्य में मजबूत भू-कानून लागू करने की मांग को लेकर मसूरी में शहीद स्थल पर उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी संगठन ने धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही सात सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। धरना-प्रदर्शन को कई संगठनों ने अपना समर्थन दिया।
श्रीदेव सुमन के शहादत दिवस पर मसूरी के शहीद स्थल पर राज्य आंदोलनकारियों ने धरना-प्रदर्शन कर उत्तराखंड में मजबूत भू-कानून लागू करने की मांग उठाई। कहा कि पहाड़ी राज्य को बचाना है तो सख्त भू-कानून लागू करना होगा। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलनकारी उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। राज्य आंदोलनकारी जय प्रकाश उत्तराखंडी ने कहा कि राज्य को तीन मुख्यमंत्री एक कार्यकाल में देने वाली भाजपा सरकार ने राज्य हित में चार सालों में कोई भी जनहित का कार्य नहीं किया। कहा कि भाजपा अगर ईमानदार पार्टी है तो राज्य में हिमाचल की तर्ज पर सख्त भू-कानून लागू करे। राज्य आंदोलनकारी देवी गोदियाल ने कहा कि भाजपा आंदोलनकारी विरोधी सरकार है। कहा कि आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मामला भाजपा सरकार ने लटका दिया है।
संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए मसूरी के 7 लोगों ने बलिदान दिया, लेकिन शहीदों की नगरी में ही एमडीडीए, वन विभाग सहित अन्य सरकारी विभाग लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इस अवसर पर जय प्रकाश उत्तराखंडी, कमल भंडारी, देवी गोदियाल, डॉ. सोनिया आनंद रावत, केदार सिंह चौहान, प्रदीप भंडारी, पूरण जुयाल, जगमोहन नेगी, प्रदीप कुकरेती, राम खंडूड़ी, सुमन भंडारी, आरपी बडोनी, राकेश पंवार, आलोक मेहरोत्रा, असलम खान मौजूद रहे।
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श्रीदेव सुमन के शहादत दिवस पर मसूरी के शहीद स्थल पर राज्य आंदोलनकारियों ने धरना-प्रदर्शन कर उत्तराखंड में मजबूत भू-कानून लागू करने की मांग उठाई। कहा कि पहाड़ी राज्य को बचाना है तो सख्त भू-कानून लागू करना होगा। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलनकारी उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। राज्य आंदोलनकारी जय प्रकाश उत्तराखंडी ने कहा कि राज्य को तीन मुख्यमंत्री एक कार्यकाल में देने वाली भाजपा सरकार ने राज्य हित में चार सालों में कोई भी जनहित का कार्य नहीं किया। कहा कि भाजपा अगर ईमानदार पार्टी है तो राज्य में हिमाचल की तर्ज पर सख्त भू-कानून लागू करे। राज्य आंदोलनकारी देवी गोदियाल ने कहा कि भाजपा आंदोलनकारी विरोधी सरकार है। कहा कि आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मामला भाजपा सरकार ने लटका दिया है।
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संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए मसूरी के 7 लोगों ने बलिदान दिया, लेकिन शहीदों की नगरी में ही एमडीडीए, वन विभाग सहित अन्य सरकारी विभाग लोगों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इस अवसर पर जय प्रकाश उत्तराखंडी, कमल भंडारी, देवी गोदियाल, डॉ. सोनिया आनंद रावत, केदार सिंह चौहान, प्रदीप भंडारी, पूरण जुयाल, जगमोहन नेगी, प्रदीप कुकरेती, राम खंडूड़ी, सुमन भंडारी, आरपी बडोनी, राकेश पंवार, आलोक मेहरोत्रा, असलम खान मौजूद रहे।
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