फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   delhi election will effects uttarakhand government

दिल्ली की गर्म हवा छुड़ाएगी उत्तराखंड सरकार के पसीने

Tue, 10 Dec 2013 09:31 AM IST
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, देहरादून
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 10 Dec 2013 09:31 AM IST
विज्ञापन
delhi election will effects uttarakhand government

उत्तराखंड के पहाड़ों पर बहने वाली सर्द हवाएं दिल्ली को ठंडा करती है, लेकिन दिल्ली में बही गर्म राजनीतिक हवा उत्तराखंड सरकार के पसीने छुड़ाने वाली है।

विज्ञापन


कांग्रेस सरकारों को सिरे से नकारा

चार राज्यों के नतीजों ने कांग्रेस सरकारों को सिरे से नकार दिया है। दिल्ली में जिस तरह से आम आदमी पार्टी का उदय हुआ है और सरकार के कामकाज और तौर-तरीके के खिलाफ लोगों ने वोट किया है। उससे साफ है कि अन्य राज्यों के नेताओं पर भी कार्य शैली बदलने का दबाव बढ़ेगा।
विज्ञापन


पढ़ें, बारातियों के डांस ने ले ली दूल्हे के पिता की जान
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी की हार के बाद राहुल गांधी का बयान कांग्रेस शासित राज्यों के लिए बड़ा संकेत है। राहुल गांधी का कहना है कि हमें आम आदमी पार्टी से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। उनका कहना है कि कांग्रेस में ऐसा परिवर्तन होगा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।

जाहिर है उनके परिवर्तन के निशाने में उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार की कार्यशैली भी होगी। कांग्रेस ने दिल्ली के रूप में ऐसा राज्य खोया है जहां की मुख्यमंत्री को दिल्ली के विकास के लिए जाना जाता था लेकिन मुद्दा बना भ्रष्टाचार और मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की कार्यशैली।

पढ़ें, जेपी जोशी को 'फंसाने' के लिए युवती ने ली थी 'ट्रेनिंग'


भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूरी भ्रष्टाचार के खिलाफ सभी की सहमति से जो लोकायुक्त बिल लाए उसे लेकर बहुगुणा सरकार हीलाहवाली कर रही है। जबकि विधानसभा अध्यक्ष और सरकार में शामिल सहयोगी मंत्री जस का तस बिल लागू करने और फिर संशोधन की बात कह रहे हैं।

बदइंतजामी और पुनर्वास की कसौटी
सरकार की मंशा इस लोकायुक्त को सिरे से खारिज कर लोकपाल बिल लागू करने की है। इस मुद्दे पर सरकार की अनदेखी कांग्रेस का मंहगी पड़ सकती है। आपदा के बाद की बदइंतजामी और पुनर्वास पर उत्तराखंड सरकार को हर चुनाव की कसौटी पर कसा जाएगा।

ऐसे में जरूरी है कि सरकार को इस दिशा में नए सिरे से सोचना और लोगों को अधिक से अधिक राहत देनी होगी। क्योंकि अभी भी सुदूर पहाड़ों से मुआवजे, खाद्य सामग्री की कालाबाजारी, सड़क और झूलापुल आदि को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

पढ़ें, दून में मोदी की रैली पर ‘दिल्ली’ की खुफिया निगाह

उत्तराखंड में सहयोगियों के दम पर चल रही कांग्रेस सरकार को अब लगातार परीक्षाएं देनी होंगी। हाल ही पंचायत चुनाव होने हैं और फिर उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटें जिताने का दबाव। जबकि उत्तराखंड सरकार टिहरी लोकसभा उप चुनाव में फेल हुई थी। मुख्यमंत्री अपने बेटे साकेत बहुगुणा को चुनाव नहीं जिता पाए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed