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Dehradun: वाइपर, लाइट और स्टेपनी खराब तो भी वाहन फिटनेस में होंगे फेल, 30 पैमानों पर खरा उतरने की चुनौती
Tue, 29 Nov 2022 02:16 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/डोईवाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/डोईवाला
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 29 Nov 2022 02:16 PM IST
सार
अब रोजाना औसतन 50 वाहनों की फिटनेस जांच हो रही है। यहां आने वाले वाहनों का पहले भौतिक निरीक्षण किया जाता है।
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वाहनों की फिटनेस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वाहनों में वाइपर, लाइट, स्टेपनी न होने पर ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर उसे सीधे अनफिट करार दे रहा है। वहीं, भारी वाहन की ऊंचाई या लंबाई बढ़ाने की वजह से भी वे फिटनेस टेस्ट में फेल हो रहे हैं। डोईवाला के पास माजरी ग्रांट में 11 नवंबर से ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर ने काम शुरू किया था। पहले दिन आठ वाहनों की जांच हुई थी जिसमें से चार अनफिट निकले थे।
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अब रोजाना औसतन 50 वाहनों की फिटनेस जांच हो रही है। यहां आने वाले वाहनों का पहले भौतिक निरीक्षण किया जाता है। इसके बाद उन्हें ऑटोमेटिक मशीनों पर लाया जाता है। फिटनेस कराने आ रहे कई भारी वाहन भौतिक निरीक्षण में ही फेल हो रहे हैं। वाहनों की बॉडी की ऊंचाई बढ़ाने समेत कई खामियां मिल रही हैं।
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पिछले दिनों रोडवेज की पांच बसें भी भौतिक निरीक्षण में फेल हो गईं। ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग सेंटर के इंचार्ज मोहम्मद आवेश ने बताया कि शुरुआत में हो रहे भौतिक निरीक्षण में कुछ वाहनों में मोडिफिकेशन पाई गई है। स्टेशन पर किसी तरह की दलाल प्रथा नहीं चलने दी जाएगी। किसी की फिटनेस को लेकर सिफारिश नहीं सुनी जाएगी। मानकों पर खरा उतरने वाले वाहनों को ही प्रमाणपत्र दिया जा रहा है।
30 पैमानों पर खरा उतरने की चुनौती
ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग सेंटर पर जांच कराने आ रहे वाहनों को करीब 30 उपकरणों की सूची दिखानी पड़ती है। इसे पूर्व परीक्षण जांच सूची कहा जाता है। इसमें मुख्य रूप से वाइपर, फायर फाइटर, फर्स्ट एड बॉक्स, स्टेपनी, रिफ्लेक्टर टेप की स्थिति, लाइट की स्थिति, चालान आदि की जांच की जाती है। मुख्य रूप से शामिल इन उपकरणों की स्थिति ठीक नहीं होती है तो वाहन टेस्टिंग में फेल हो जाते हैं।
वाहनों की होती है वीडियोग्राफी
सेंटर पर फिटनेस कराने आने वाले वाहनों की वीडियोग्राफी की जा रही है। इसका डाटा छह माह तक सुरक्षित रखा जाएगा। फिटनेस प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए वाहनों के भौतिक और ऑटोमेटिक जांच की वीडियोग्राफी की जाती है।
वाहन फिटनेस में लगने वाले दस्तावेज
फीस रसीद, टोकन, आरसी, प्रदूषण प्रमाणपत्र, बीमा, वाहन का परमिट, पुराना फिटनेस प्रमाणपत्र, स्पीड गर्वनर का फिटमेंट प्रमाण, सीएनजी वाहन के लिए लगने वाले दस्तावेज, सीएनजी फिटमेंट प्रमाणपत्र, सीएनजी लीकेज रिपोर्ट, आरसी, प्रदूषण प्रमाणपत्र।