{"_id":"63e3be8700f0d0d55b0be561","slug":"dehradun-two-more-fake-doctors-including-woman-arrested-2023-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fake Doctor Case: महिला समेत दो और फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, सरकारी नौकरी के लिए इमलाख से खरीदी थीं डिग्रियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fake Doctor Case: महिला समेत दो और फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, सरकारी नौकरी के लिए इमलाख से खरीदी थीं डिग्रियां
Wed, 08 Feb 2023 08:57 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 08 Feb 2023 08:57 PM IST
सार
इस मामले में अब तक 15 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इनमें से 11 फर्जी डॉक्टर हैं। जबकि, एक मास्टरमाइंड इमलाख और आईएमसी के तीन कर्मचारी शामिल हैं।
विज्ञापन
अरेस्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पुलिस ने महिला समेत दो और फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने डिग्रियां प्रैक्टिस करने के लिए नहीं बल्कि सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए खरीदी थीं। महिला ने तो 12वीं की मार्कशीट भी 50 हजार रुपये देकर फर्जी बनवाई थी। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि इस मामले में अब तक 15 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इनमें से 11 फर्जी डॉक्टर हैं। जबकि, एक मास्टरमाइंड इमलाख और आईएमसी के तीन कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस टीम ने बुधवार को अशफाक निवासी बेसरो, फतेहपुर, सहारनपुर और ज्योति निवासी दादा पट्टी, हसनपुर, भगवानपुर, हरिद्वार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में ज्योति ने बताया कि वह छुटमलपुर के कृष्णा कॉलेज में रिसेप्शनिस्ट थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात इमलाख से हुई। इमलाख ने उसे बीएएमएस की डिग्री दिलाने की बात कही।
विज्ञापन
Fake Doctor Case: यूक्रेन तक फैला था फर्जी डिग्री का जाल, पुलिस गिरफ्त में खेल के मास्टरमाइंड ने किए कई खुलासे
विज्ञापन
लेकिन, इसके लिए बायोलॉजी से इंटरमीडिएट पास होना जरूरी था। इमलाख ने उससे 50 हजार रुपये लिए और इंटरमीडिएट की मार्कशीट भी मुहैया करा दी। इसके बाद उसे बीएएमएस की डिग्री भी सात लाख रुपये में दे दी। इसी तरह अशफाक ने पुलिस को बताया कि उसने डीयूएमएस का कोर्स किया था। इमलाख से मुलाकात हुई तो उसने डॉक्टरी कराने का झांसा दिया। सात लाख रुपये देकर उसने इमलाख से फर्जी डिग्री हासिल कर ली।
सरकारी भर्ती का कर रहे थे इंतजार
एसएसपी ने बताया कि दोनों कहीं प्रैक्टिस नहीं कर रहे थे। दोनों को इंतजार था कि कहीं सरकारी नौकरी निकलते तो आवेदन करेंगे। इसके बाद इमलाख से सेटिंग कर सरकारी नौकरी हासिल कर लेंगे। लेकिन, इससे पहले ही पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। आरोपियों से अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ की गई है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होनी हैं।