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देहरादून: चकराता में शिकार के बाद गुलदार की खाल बेचने आए थे आरोपी, दो गिरफ्तार
Wed, 05 Feb 2020 07:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 05 Feb 2020 07:35 PM IST
सार
- आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव जंतु के अंगों की तस्करी का मुकदमा
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गुलदार को मारने के बाद आरोपी खाल बेचने को दून आए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कैंट पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर गोली लगी गुलदार की खाल बरामद की है। गुलदार को मारने के बाद आरोपी खाल बेचने को दून आए थे। भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों का चालान कर दिया गया।
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पुलिस उप महानिरीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बताया कि वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली से वन्य जीवों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह के बारे में इनपुट मिले थे। इसी कड़ी में कार्रवाई को सीओ नरेंद्र पंत और कैंट कोतवाली प्रभारी संजय मिश्रा की अगुवाई में टीम गठित की गई थी। चार फरवरी की रात मुखबिर से पता चला कि अनारवाला में मोटर साइकिल सवार दो लोग गुलदार की खाल बेचने की फिराक में हैं।
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पुलिस टीम ने धर्म सिंह निवासी भूपाऊ चकराता (हाल निवासी टोंस कालोनी) और चंदर सिंह चौहान निवासी बूरलिया, चकराता को गुलदार की खाल के साथ पकड़ा लिया। गुलदार की खाल जब्त करने के साथ बाइक को सीज कर दिया है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर सतबीर सिंह को बुलाकर गुलदार की खाल की पुष्टि कराई गई। एसपी सिटी श्वेता चौबे और सीओ नरेंद्र पंत इस दौरान मौजूद रहे।
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व्यस्क गुलदार की खाल
डीआईजी जोशी ने बताया कि बरामद खाल आठ से दस साल के गुलदार की है। खाल में दो गोलियों के निशान पाए गए हैं। इन लोगों ने कुछ माह पहले चकराता के जंगल में गुलदार को गोलियों से मारा था। आरोपी दून में खाल को बेचने आए थे। दोनों काफी समय से एक दूसरे से परिचित हैं। वन विभाग और पुलिस की चेकिंग से बचते हुए दोनों देहरादून तक पहुंचे थे।