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Dehradun To Delhi Roadways: यात्री कृपया ध्यान दें, बस सेवा पर मंडराने लगा संकट, इस आदेश ने बढ़ाई मुश्किल

Fri, 02 Sep 2022 12:28 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 02 Sep 2022 12:28 PM IST
सार

रोडवेज के लिए दिल्ली की यात्रा आसान नहीं है। सितंबर में बसों का इंतजाम करना होगा। दिल्ली सरकार ने एक पत्र राज्य परिवहन निगम को भेजा था, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि एक अक्तूबर से केवल उन्हीं रोडवेज बसों को दिल्ली में एंट्री दी जाएगी, जो बीएस-6 स्टैंडर्ड की होंगी। 

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Dehradun to Delhi roadways problem challenge to arrange buses by 30 September
रोडवेज - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

एक अक्तूबर से देहरादून से दिल्ली की रोडवेज बस सेवा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दिल्ली सरकार के बीएस-6 वाहनों को ही प्रवेश देने के आदेश के बाद परिवहन निगम ने सीएनजी बसों का टेंडर भी निकाला, लेकिन उसमें कंपनियां नहीं आईं। अब निगम के सामने 30 सितंबर तक बसों का इंतजाम करने की चुनौती है।

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दरअसल, दिल्ली सरकार ने एक पत्र राज्य परिवहन निगम को भेजा था, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि एक अक्तूबर से केवल उन्हीं रोडवेज बसों को दिल्ली में एंट्री दी जाएगी, जो बीएस-6 स्टैंडर्ड की होंगी। उत्तराखंड परिवहन निगम के पास अभी वॉल्वो और अनुबंधित मिलाकर करीब 50 रोडवेज बसें ही ऐसी हैं जो कि बीएस-6 हैं। निगम की करीब 250 बसें उत्तराखंड से दिल्ली जाती हैं।
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परिवहन निगम ने जून माह में 141 सीएनजी बसों के लिए टेंडर निकाला था। इस टेंडर में बमुश्किल 50 बसों के लिए ही एक-दो कंपनी सामने आई। एक माह के भीतर 200 सीएनजी बसों के लिए अगर दोबारा टेंडर भी निकाला गया तो इतने कम समय में बसों की आपूर्ति चुनौतीपूर्ण है। हालांकि परिवहन निगम के एमडी रोहित मीणा का कहना है कि एक माह के भीतर बसों का इंतजाम पूरा कर लिया जाएगा।

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बस सेवा बंद हुई तो होगा नुकसान
उत्तराखंड से दिल्ली बस सेवा से परिवहन निगम को सबसे ज्यादा कमाई होती है। ऐसे में अगर समय से बसें उपलब्ध नहीं हुईं तो परिवहन निगम को नुकसान हो सकता है। बताया जा रहा है कि अगर दिल्ली की बस सेवा बंद हो गई तो 50 प्रतिशत राजस्व का नुकसान हो जाएगा।

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