देहरादून की इस अदालत के फैसलों को नहीं दी जा सकती चुनौती, क्यों जानिए यहां...
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किसी भी अदालत के फैसले को उसके ऊपर की अदालत में चुनौती दी जा सकती है। लेकिन, देहरादून में एक ऐसी अदालत भी है जिसके फैसले सिर्फ अंतिम फैसले माने जाते हैं, जिनमें अपील नहीं की जा सकती।
यह अदालत है सीजेएम परिसर में स्थापित स्थायी लोक अदालत। जी हां, इस अदालत में एक करोड़ रुपये तक के पब्लिक यूटीलिटी सर्विस यानी उपयोगिता सेवा से संबंधित मामलों की सुनवाई होती है। इस अदालत में फैसले भी अन्य अदालतों या लोक अदालतों से ज्यादा जल्दी आते हैं।
किस तरह के मुकदमों सुनवाई
-वायु, सड़क, रेल या जलमार्ग द्वारा यात्रियों या माल के वहन के लिए यातायात सेवा।
-डाक और टेलीफोन सेवा।
-ऐसा संस्थान जो जनता को विद्युत, प्रकाश या जल प्रदान करता हो।
-लोक सफाई या स्वच्छता प्रणाली।
-अस्पताल या डिस्पेंसरी।
-इंश्योरेंस सर्विस।
-शैक्षिक या शैक्षणिक संस्थान।
-आवास और भू संपदा सेवा आदि।
क्या-क्या लाभ हैं स्थायी लोक अदालत के
- स्थायी लोक अदालत में साधारण प्रार्थनापत्र देकर वाद दायर किया जा सकता है।
- इस अदालत में कोई न्याय शुल्क नहीं लगता है और प्रार्थी स्वयं भी वाद दायर कर सकता है।
- स्थायी लोक अदालत के प्रत्येक निर्णय को सिविल न्यायालय की डिक्री समझा जाता है।
- इस अदालत के फैसले अंतिम फैसले होते हैं, जिन्हें कहीं भी चुनौती नहीं दी जा सकती है।