गोरखपुर में खुदकुशी करने वाले दरोगा का शव पहुंचा घर, मचा कोहराम, नम हुई लोगों की आंखें
- हेमचंद्र के शव को लेकर धैना सिलंगवाड़ी पहुंचे परिजन
- शव पहुंचते ही घर में मचा कोहराम, नम हुई लोगों की आंखें
विस्तार
सशस्त सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के दरोगा हेमचंद्र अधिकारी के शव को लेकर परिजन शनिवार देर शाम उनके पैतृक गांव धैना सिलंगवाड़ी पहुंचे। शव को देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। धैना सिलंगवाड़ी के मूल निवासी दरोगा हेमचंद्र अधिकारी (53) ने छह फरवरी को गोरखपुर में खुदकुशी कर ली थी। दरोगा के खुदकुशी की खबर सुनते ही उसके घर में कोहराम मच गया।
उनकी पत्नी कलावती देवी और परिजन खबर सुनते ही गोरखपुर रवाना हो गए थे। परिजन और एसएसबी के जवान दरोगा के शव को लेकर देर शाम धैना सिलंगवाड़ी गांव पहुंचे। शव पहुंचते ही उनके घर में कोहराम मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक माह पूर्व हेमचंद्र घर आए थे।
वह बहुत मिलनसार और हंसमुख थे। जब भी अवकाश पर घर आते, गांव के हर सदस्य से मिलते थे। हेमचंद्र की लड़की गीता अधिकारी देहरादून में पढ़ाई कर रही हैं। पुत्र शुभम अधिकारी 11वीं और मोहित 9वीं में कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल गरुड़ में अध्ययनरत है। उनके परिजनों का कहना है कि हेमचंद्र का अंतिम संस्कार बागेश्वर में किया जाएगा।
बीमार जवान का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि
सेना की बंगाल इंजीनियर बटालियन में तैनात टनकपुर थ्वालखेड़ा निवासी जवान हरीश चंद्र जोशी (32) का शुक्रवार को दिल्ली में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह डेढ़ साल से बीमार थे। शनिवार सुबह शारदा घाट में सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। जवान हरीश का एक बेटा और एक बेटी है।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक जवान वर्तमान में जम्मू के उधमपुर में तैनात था। बीमार होने से करीब डेढ़ साल से दिल्ली में जवान का उपचार चल रहा था। शुक्रवार को जवान का निधन हो गया। दिल्ली से शनिवार सुबह सैनिक का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
शारदा घाट में सैन्य सम्मान के साथ जवान की अंत्येष्टि की गई। बनबसा में तैनात सिख रेजिमेंट के सूबेदार बलवीर सिंह के नेतृत्व में सेना के जवानों ने सैनिक को शस्त्र सलामी दी। काफी संख्या में लोगों ने सैनिक की शव यात्रा में शामिल होकर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।