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Dehradun: डिग्रियां बेचने वाले इमलाख पर एक लाख के इनाम की तैयारी, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश

Tue, 31 Jan 2023 05:48 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 31 Jan 2023 05:48 PM IST
सार

जनवरी के पहले हफ्ते में एसटीएफ ने फर्जी डॉक्टरों के रैकेट का खुलासा किया था। उस वक्त दो फर्जी डाॅक्टरों और उन्हें डिग्री मुहैया कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।

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Dehradun: Preparation of  reward of one lakh on Imlakh who sells degrees
रुपये(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

विस्तार

फर्जी डॉक्टरों को बीएएमएस की डिग्रियां बेचने वाले मुजफ्फरनगर के हिस्ट्रीशीटर इमलाख पर पुलिस एक लाख का इनाम घोषित करने जा रही है। इसके लिए मुख्यालय ने जिला पुलिस से प्रस्ताव मांगा है। इससे पहले जिला पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इसके बाद गढ़वाल रेंज में इनाम को बढ़ाया जाएगा।

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जनवरी के पहले हफ्ते में एसटीएफ ने फर्जी डॉक्टरों के रैकेट का खुलासा किया था। उस वक्त दो फर्जी डाॅक्टरों और उन्हें डिग्री मुहैया कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों को कर्नाटक के एक विवि की डिग्री सात से आठ लाख रुपये में बेची गई थी। एसटीएफ की शुरुआती जांच में डिग्री फर्जी पाई गई। आरोप था कि इन डॉक्टरों का भारतीय चिकित्सा परिषद (आईएमसी) में भी फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराया गया है।
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इसमें कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। अब इस मामले की जांच जिला पुलिस की एक विशेष टीम कर रही है। अब तक सात फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, डिग्री बेचने का मुख्य आरोपी मुजफ्फरनगर निवासी इमलाख फरार है। इस पर अब इनाम घोषित करने की तैयारी है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि जिला पुलिस से प्रस्ताव मांगा गया है। जिला पुलिस के इनाम घोषित करने के बाद अब मुख्यालय से भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही इमलाख पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।


आईएमसी ने क्यों नहीं दर्ज कराया मुकदमा
तीन दिन पहले रायपुर से गिरफ्तार हुए चार फर्जी डॉक्टरों का खेल पहले ही पकड़ में आ चुका था। आईएमसी ने वर्ष 2021 में उनका रजिस्ट्रेशन समाप्त कर दिया था। लेकिन, कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया। आईएमसी की इस लापरवाही पर भी तमाम सवाल उठ रहे हैं।

इलेक्ट्रो होम्योपैथिक की फर्जी डिग्री लेकर चला रहा था क्लीनिक
रायपुर से गिरफ्तार किए गए डॉक्टर को पुलिस ने सोमवार को न्यायालय में पेश किया। यहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। आरोपी का नाम मोहम्मद जावेद निवासी चूना भट्टा, अधोईवाला, रायपुर है। एसओ नेहरू कॉलोनी लोकेंद्र बहुगुणा ने बताया कि आरोपी जावेद ने इमलाख के माध्यम से इलेक्ट्रोहोम्योपैथी की फर्जी डिग्री हासिल की थी। वह चूना भट्टा क्षेत्र में सात साल से क्लीनिक चला रहा था। आरोपी ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है। इसके बाद उसने इमलाख से संपर्क किया और डिग्री हासिल कर ली।

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