Dehradun News: फर्जी तरीके से सेना के दस्तावेज बना कर विदेश में नौकरी दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
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स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड एवं आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी तरीके से सेना के दस्तावेज बना कर विदेश में नौकरी दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बुधवार देर रात चली कार्रवाई में तीन व्यक्ति व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
Uttarakhand: Special Task Force has arrested 3 people for making fake identity cards using identities of former army personnel; Army Intelligence conducting probe
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By making fake ID cards more than 100 people sent for jobs abroad especially to Afghanistan, says Ajay Singh, SP-STF
— ANI (@ANI) January 21, 2021
प्रभारी एसटीएफ ने बताया कि एसटीएफ को इनपुट मिला था कि देहरादून में कुछ लोग सेना से सम्बन्धित दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार कर लोगों को विदेश भेज रहे हैं तथा उन्हें फर्जी तरीके से नौकरियां दिलवा कर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।
प्रभारी एसटीएफ द्वारा निरीक्षक सन्दीप नेगी के नेतृत्व में उप निरीक्षक यादवेन्द्र बाजवा एवं आर्मी इंटेलिजेंस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इसी क्रम में सूचना प्राप्त हुई थी कि विक्की थापा नाम का व्यक्ति जो दूधली रोड मोथरावाला में रहता है, सेना के फर्जी दस्तावेज बनवाकर विदेश जाने की तैयारी कर रहा है।
इस सूचना के आधार पर बुधवार देर रात एसटीएफ एवं आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम द्वारा दूधलीरोड, मोथरोवाला स्थित इन्द्रपुरी फार्म के पास से एक व्यक्ति को पकड़ कर उससे पूछताछ की गई। गिरफ्तार किये गये विक्की थापा की तालाशी ली गई तो उसकी जैकेट की जेब से सेना से सम्बन्धित कुछ दस्तावेज बरामद हुए।
अब तक लगभग 100 से अधिक लोगों को विदेश भेजा जा चुका है
विक्की थापा ने बताया कि जोहड़ी में रघुवीर सिंह नाम का एक व्यक्ति है जो इसी प्रकार से सेना के फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों को विदेश भिजवाने का काम करता है तथा इसके एवज में लोगों से भारी धन वसूलता है। इस सूचना पर एसटीएफ द्वारा थाना राजपुर क्षेत्र के जोहड़ी गांव में रघुवीर सिंह से पूछताछ की गई। उसके घर से सेना से सम्बन्धित कुछ दस्तावेज, 20 मुहरें व 90 सेना की पुस्तिका, जिनमें से 44 पुस्तक भरी हुई थी, बरामद की गईं।
रघुवीर सिंह ने बताया कि यह दस्तावेज भैरवदत्त कोटनाला की बंजारावाला स्थित प्रिन्टिंग प्रेस से तैयार कराये जाते हैं। रघुवीर सिंह द्वारा बताई गई सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा भैरवदत्त के घर पर जाकर उससे प्रिन्टिंग प्रेस के बारे में पूछताछ की गई एवं प्रिन्टिंग प्रेस के कम्पूयटर की जांच की गई। जांच में सेना के फर्जी दस्तावेज की प्रिंटिंग होने की पुष्टि हुई। वहां से कई सेना की पुस्तकें भी बरामद हुईं।
पूछताछ में पता चला कि अब तक सेना के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लगभग 100 से अधिक लोगों को विदेश भेजा जा चुका है।
उक्त आरोपों के अतिरिक्त इन व्यक्तियों का किसी राष्ट्रविरोधी व आतंकवादी संगठनों से सम्बन्ध होने के बारे में भी गहनता से जांच की जा रही है। इन व्यक्तियों द्वारा फर्जी पासपोर्ट बनाये जाने की बात भी प्रकाश में आई है, जिसके सम्बन्ध में भी जांच की जा रही है।