देहरादून: अब ऑनलाइन देख सकेंगे डीएम कोर्ट के फैसले, सिस्टम से यह होंगे फायदे
- ई-कलेक्ट्रेट के बाद डीएम ने प्रशासन के कोर्ट को भी डिजिटल करने का निर्णय लिया
- ट्रायल के तौर पर आज लगने वाली कोर्ट के फैसलों को वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा
विस्तार
ट्रायल के तौर पर बुधवार को लगने वाली डीएम के कोर्ट के फैसलों को वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद एडीएम, एसडीएम कोर्ट को भी इससे जोड़ा जाएगा। देहरादून प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा, जहां यह व्यवस्था लागू होगी।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद लोगों को केस का स्टेटस, ऑर्डर, कॉज लिस्ट ढूंढने के लिए किसी की भी खुशामद नहीं करनी पड़ेगी। एक क्लिक पर पूरा रिकॉर्ड आपके सामने हाजिर हो जाएगा। मौजूदा समय की बात करें तो जिला प्रशासन के विभिन्न कोर्ट में राजस्व के करीब 3000 मामले चल रहे हैं।
सिस्टम से यह होंगे फायदे
राजस्व के मामलों में अब तक की कार्रवाई की जानकारी, डीएम, एडीएम, एसडीएम द्वारा सुनवाई का ऑर्डर और निर्धारित की गई अगली तारीख की जानकारी मिलेगी। सिस्टम के ऑनलाइन हो जाने से वादों की जानकारी में पारदर्शिता आएगी। वहीं, वादियों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
एमडीडीए, कलेक्ट्रेट को भी ई-ऑफिस बना चुके हैं डॉ. श्रीवास्तव
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव की गिनती तकनीक का इस्तेमाल कर सिस्टम को पब्लिक फ्रेंडली बनाने वाले अधिकारियों में की जाती है। इससे पहले एमडीडीए में ई-फाइलिंग और कलेक्ट्रेट में ई-कलेक्ट्रेट सिस्टम लागू कर चुके हैं। जो कि प्रदेश का पहला जिला है। वहीं, सदर तहसील भी ई-तहसील हो चुकी है। इसके अलावा जिले की अन्य तहसीलों को भी ई-तहसील में तब्दील करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
राजस्व संबंधी मामलों को लेकर कोर्ट के फैसलों को ऑनलाइन करने से लोगों को काफी सहूलियत हो जाएगी। उन्हें बेवजह परेशान नहीं होना पड़ेगा। कोई भी व्यक्ति अपने केस की स्थिति, आदेश की प्रति के साथ अन्य जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। अभी इसका ट्रायल होगा, इसके बाद इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी