{"_id":"637e4e193931732d7473858c","slug":"dehradun-news-agitator-will-do-protest-in-front-of-assembly-for-horizontal-reservation","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun: आरक्षण को लेकर आंदोलनकारियों में आक्रोश, सत्र से एक दिन पहले विस पर धरने की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun: आरक्षण को लेकर आंदोलनकारियों में आक्रोश, सत्र से एक दिन पहले विस पर धरने की चेतावनी
Wed, 23 Nov 2022 10:16 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 23 Nov 2022 10:16 PM IST
सार
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले को कैबिनेट में नहीं ला रही है।
विज्ञापन
प्रदर्शन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आश्वासन के बाद भी दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले को कैबिनेट में नहीं लाने से राज्य आंदोलनकारियों में आक्रोश है। शहीद स्मारक पर बुधवार को आयोजित बैठक में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने चेतावनी दी कि दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के लिए सत्र से एक दिन पहले 28 नवंबर को विधानसभा पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर अध्यादेश नहीं लाया गया तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले को कैबिनेट में नहीं ला रही है। मुख्यमंत्री भी इस मामले में कोई बयान नहीं दे रहे हैं और न ही अध्यादेश लाया जा रहा है। इससे राज्य आंदोलनकारियों में आक्रोश है। ऐसे में विधानसभा सत्र से एक दिन पहले 28 नवंबर को विधानसभा भवन के आगे धरना दिया जाएगा।
विज्ञापन
सत्या पोखरियाल, सुलोचना भट्ट और उर्मिला शर्मा ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1994 में अपने बच्चों के लिए रोजगार की मांग को लेकर अलग राज्य के आंदोलन में भाग लिया था। अब सरकार फिर से उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य कर रही है। बैठक का संचालन करते हुए प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, युद्धवीर सिंह चौहान और क्रांति कुकरेती ने कहा कि धरना देकर सरकार को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इसके बाद भी अध्यादेश नहीं लाया गया तो मुख्यमंत्री के आवास पर घेरा डालो-डेरा डालो के तहत आंदोलन होगा।
विज्ञापन
इस दौरान संयुक्त नागरिक संगठन के सचिव सुशील त्यागी और जगमोहन सिंह रावत ने सरकार से अपील की कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए 2004 से बनी हुई व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए जल्द अध्यादेश आए। बैठक में सुशील राजेश नौटियाल, प्रमिला रावत, सरिता गौड़, भूमा रावत, शकुंतला रावत, मुन्नी खंडूड़ी, पूरण सिंह लिंगवाल आदि मौजूद रहे।