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Uttarakhand: सहकारी सामूहिक खेती योजना को लगा झटका, डेढ़ करोड़ का गबन आया सामने, नेकोफ के खिलाफ तहरीर

Wed, 08 Jul 2026 11:34 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 08 Jul 2026 11:34 AM IST
सार

सहकारी सामूहिक खेती योजना में डेढ़ करोड़ के गबन का आरोप लगा है। हैंड होल्डिंग स्पोर्ट के लिए चयनित समिति नेकोफ के खिलाफ तहरीर दी गई।

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Dehradun News 1.5 crore embezzlement Allegation in cooperative collective farming scheme
घोटाला। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

उत्तराखंड के बंजर खेतों को आबाद करने की सहकारी सामूहिक खेती योजना को झटका लगा है। टिहरी के मोगी गांव में पायलट प्रोजेक्ट में हैंड होल्डिंग स्पोर्ट के लिए चयनित समिति नेकोफ पर डेढ़ करोड़ के गबन का आरोप लगा है। राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के कार्यक्रम प्रबंधक ने मामले में समिति के खिलाफ नेहरू कालोनी थाना पुलिस को दो अलग-अलग तहरीर दी है।

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राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद शुक्ल के मुताबिक राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना का संचालन प्रदेश की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि एवं पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए किया गया है।

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इसी परियोजना के तहत टिहरी जिले में मोगी दीर्घाकार बहुउद्देशीय सहकारी समिति ने अपने कार्यक्षेत्र में पलायन कर चुके किसानों की 70 एकड़ बंजर भूमि को लीज पर लेकर संयुक्त सहकारी खेती योजना के लिए संकल्पना प्रस्ताव कार्यक्रम निदेशालय को भेजा था।
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इसके लिए कार्यदायी संस्था नेकोफ (नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड) संस्था को मोगी समिति को तकनीकी और व्यावहारिक सहायता प्रदान करने के लिए चयनित किया गया।

मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए

नेकोफ को विभिन्न गतिविधियों के लिए 71 लाख 90 हजार से अधिक धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। आरोप है कि पांच साल बीतने के बाद भी नेकोफ ने कोई काम नहीं किया। काम न होने से समिति को कोई आय प्राप्त नहीं हो पाई है।

इससे समिति पर लगातार ब्याज बढ़ता जा रहा है। प्रकरण को सचिव सहकारिता को भेजे जाने पर संस्था को अखिल भारतीय स्तर पर काली सूची में डालने व गबन किए गए सरकारी धन की वसूली के लिए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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पुलिस को दी एक अन्य तहरीर में कहा गया है कि ई-मार्केटिंग प्लेटफार्म कार्य के लिए नेकोफ संस्था को अधिकृत कर इच्छुक मार्केटिंग समितियों को परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्रति समिति आठ लाख 42 हजार से अधिक का ऋण प्रदान कर संबंधित संस्था नेकोफ को ऋण प्राप्त समितियों से इस काम के लिए अनुबंध के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि अनुबंध के बाद भी नेकोफ ने ई-मार्केटिंग प्लेटफार्म स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं की।

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