देहरादून-मसूरी का बनेगा डिजिटल मास्टर प्लान, एक क्लिक पर जमीन की असली स्थिति आएगी सामने
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दून और मसूरी का डिजिटल मास्टर प्लान तैयार होगा। इसे मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) तैयार कराएगा। फरवरी 2020 तक डिजिटल मास्टर प्लान तैयार करने की समय सीमा तय की गई है।
आवास मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार को इस संबंध में अफसरों के साथ बैठक की। डिजिटल मैप को राजस्व मैप से ओवर लैप कराकर लैंडयूज की जानकारी पाना आसान होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा जमीन खरीदने वाले लोगों को होगा, क्योंकि वह एक क्लिक करके संबंधित जमीन की असल स्थिति को जान पाएंगे।
विधानसभा स्थित कक्ष में आवास मंत्री मदन कौशिक ने इस योजना के संबंध में एमडीडीए के अफसरों से विस्तार से जानकारी ली। एमडीडीए के अफसरों ने बताया कि डिजिटल मास्टर प्लान के लिए जीआईएस सेटेलाइट सर्वे, जीआईएस पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
देहरादून के बाद मसूरी में डिजिटल मास्टर प्लान लागू किया जाएगा। एमडीडीए वीसी आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि जमीन की धोखाधड़ी से संबंधित कई शिकायतें सामने आती हैं। जमीन खरीदने वाले गुमराह न हों, इसके लिए डिजिटल मास्टर प्लान की व्यवस्था बेहद कारगर साबित होगी।
इसमें यदि कोई व्यक्ति जमीन खरीदना चाहता है, तो वह संबंधित जमीन का खसरा नंबर वेबसाइट पर डालेगा और उसे जमीन के लैंडयूज और अन्य सारी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।
इसके साथ ही जमीन किस जगह स्थित है, उसकी तस्वीर भी उसे दिख जाएगी, इसके बाद वह किसी भी तरह गुमराह नहीं हो पाएगा। बैठक में वीसी ने बताया कि इस वर्ष एमडीडीए को नेशनल ई गवर्नेंस अवार्ड प्राप्त हुआ है।
बैठक में एमडीडीए की आवासीय योजना, आईएसबीटी योजना, आमवाला तरला योजना और ट्रांसपोर्ट नगर योजना की समीक्षा की गई। इस मौके पर आवास मंत्री ने लाभार्थियों को योजनाओं से संबंधित आवासों का शीघ्र कब्जा देने के निर्देश दिए। बैठक में एमडीडीए सचिव गिरीश गुणवंत, एसएल सेमवाल और अधीक्षण अभियंता एचसीएस राणा आदि मौजूद रहे।