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Dehradun : उत्तराखंड में 400 से अधिक डाक सेवकों ने काम करने से किया इनकार, दुर्गम इलाकों में तैनाती नामंजूर
Thu, 10 Oct 2024 04:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 10 Oct 2024 04:17 AM IST
सार
चयन के बाद भी 400 से अधिक डाक सेवकों ने यहां काम करने से इन्कार कर दिया। ऐसे में प्रदेश भर के डाकघरों में यह पद अगली भर्ती होने तक खाली रह सकते हैं।
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डाक विभाग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों में दूसरे राज्यों के युवा अपनी सेवाएं देना नहीं चाहते। चयनित होने के बाद भी 400 से अधिक डाक सेवकों ने यहां काम करने से इन्कार कर दिया। ऐसे में प्रदेश भर के डाकघरों में यह पद अगली भर्ती होने तक खाली रह सकते हैं। उधर, डाक विभाग प्रदेश भर में 31 नए डाकघर बनाने की तैयारी कर रहा है।
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दरअसल, डाक विभाग की ओर से उत्तराखंड के लिए ब्रांच पोस्ट मास्टर (बीपीएस) और असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर (एबीपीएम) के 1238 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इसके लिए देश भर से युवाओं ने आवेदन किया था और इसमें चयनित होने वाले अभ्यर्थी अधिकतर हरियाणा, पंजाब समेत दूसरे राज्यों के हैं। जबकि उत्तराखंड के सिर्फ दस फीसदी युवा ही भर्ती में सफल हो सके। दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के बाद से यह भर्ती सवालों के घेरे में है।
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50 फीसदी आधार सेंटरों पर नहीं हो रहा काम
कर्मचारियों की कमी के चलते उत्तराखंड के डाकघरों में बने आधार सेंटरों में लोगों को सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि 201 आधार सेंटरों में से सिर्फ 50 सेंटरों पर ही काम हो रहा है। जबकि 50 प्रतिशत आधार सेंटरों में आधार से जुड़ा कोई भी कार्य नहीं हो रहा है। उधर, विश्व डाक सप्ताह को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग बंद पड़े आधार सेंटरों को भी लोगों के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है।
डिजिपिन से जुड़ेंगे डाकघर
उत्तराखंड के डाकघरों को डिजिपिन से जोड़ा जा रहा है। डाक सेवाओं के निदेशक अनसूया प्रसाद चमोला ने बताया, डिजिपिन से जुड़ने के बाद पते की पहचान पोस्टल इंडेक्स नंबर (पिन कोड) से नहीं बल्कि डिजिपिन से भी हो सकेगी।
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दूसरे राज्यों के 436 चयनित अभ्यर्थियों ने पदभार लेने से इन्कार कर दिया। हालांकि 1238 पदों में से 802 चयनित अभ्यर्थियों का प्रदेश के डाकघरों में प्रशिक्षण चल रहा है। इनकी नियुक्ति होने के बाद विभाग को ऊर्जा मिलेगी और हम उत्तराखंड की जनता को बेहतर सुविधा देने के साथ यहां के पर्यटन स्थलों का भी प्रचार-प्रसार करने के लिए कार्य करेंगे। साथ ही आधार सेंटरों को भी सुचारू करने के लिए विशेष कार्य किया जाएगा। रही बात खाली पदों की तो इसके लिए भविष्य में एक बार फिर नियुक्ति की जाएगी।
- शशि शालिनी कुजूर, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल