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देहरादूनः ट्रेनों का ट्रैक बदलने को अब आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल
Tue, 17 Dec 2019 03:52 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 17 Dec 2019 03:52 PM IST
सार
- ई-तकनीक से मिलेगी ट्रेनों को ट्रैक की लाइन
- शंटिंग और लाइन बदलने के समय दुर्घटना की कम रहेगी संभावना
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
दून रेलवे स्टेशन पर अब ट्रेनों को पैनल से इलेक्ट्रॉनिक तकनीक से लाइनों पर शिफ्ट किया जाएगा। यार्ड री-मॉडलिंग का कार्य पूरा होने के बाद इसी तकनीक से ट्रेनों का संचालन होगा। इससे शंटिंग और लाइन बदलने के दौरान ट्रेनों के डीरेल होने का खतरा भी कम हो सकेगा।
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सोमवार को एडिशनल स्टेशन सुप्रीटेंडेंट सीताराम सोनकर ने इस तकनीक के लिए हो रहे कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि दून स्टेशन पर यार्ड री-मॉडलिंग का कार्य पूरा होने के बाद यह सिस्टम काम करने लगेगा। इसके अंतर्गत स्टेशन मास्टर के दफ्तर और कंट्रोल रूम को पैनल रूम में शिफ्ट किया जा रहा है। कंट्रोल रूम से पैनल, क्रॉसिंग लाइनों और संकेंतकों को इलेक्ट्रॉनिक वायर से आपस में जोड़ दिया जाएगा।
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ट्रेनों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर ले जाने, प्लेटफार्म से निश्चित ट्रैक पर रवाना करने और आने वाली ट्रेनों को निर्धारित प्लेटफार्म आदि पर भेजने के लिए लाइनों को बदला जाता है। अभी तक यह कार्य मैनुअली होता था। जिसमें लाइनों के बीच गैप होने की संभावना ज्यादा रहती थी। जिससे कई बार ट्रेनें डी रेल हो जाती थी। अब नया सिस्टम लागू होने जाने से दुर्घटना की संभावना घटेगी और लाइन बदले जाने के कार्य में भी कम समय लगेगा।
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लेवलिंग के लिए आई विशेष मशीन
ट्रैकों और क्रॉसिंग लाइनों आदि की लेवलिंग के लिए विशेष मशीन दून स्टेशन पहुंची है। इस मशीन के साथ ही उस पर कार्य करने वाले इंजीनियरों और कर्मचारियों के विश्राम के लिए रेलवे का विशेष कोच (कैंपिंग कोच फॉर ट्रैक मशीन स्टॉफ) भी यहां लाया गया है।