{"_id":"624918e10d65e92aeb3a7423","slug":"dehradun-literature-festival-2022-image-of-police-has-changed-in-the-last-few-years-ips-officers-share-their-experiences","type":"story","status":"publish","title_hn":"देहरादून लिटरेचल फेस्टिवल 2022: बीते कुछ साल में बदली है पुलिस की छवि, आईपीएस अधिकारियों ने साझा किए अपने अनुभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देहरादून लिटरेचल फेस्टिवल 2022: बीते कुछ साल में बदली है पुलिस की छवि, आईपीएस अधिकारियों ने साझा किए अपने अनुभव
Sun, 03 Apr 2022 01:24 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sun, 03 Apr 2022 01:24 PM IST
सार
डीजीपी अशोक कुमार ने अपनी पुस्तक ‘खाकी में इंसान’ और आईपीएस अमित ने अपनी पुस्तक ‘बिहार डायरीज’ पर चर्चा की। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि कोरोना काल में देश भर की पुलिस ने बेहतर काम कर लोगों के बीच सकारात्मक सोच बनाई है।
विज्ञापन
डीजीपी अशोक कुमार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिग्गज लेखकों, कथाकारों, साहित्यकारों के संगम का प्रतीक देहरादून लिटरेचल फेस्टिवल के दूसरे दिन दो आईपीएस अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करने के साथ अपनी पुस्तकों के बारे में विस्तार से चर्चा की। शनिवार को सभा को संबोधित करते हुए डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि बीते कुछ सालों में पुलिस की छवि बदली है। पहले सिर्फ लोग पुलिस के संबंध में नकारात्मक सोच ही रखते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है।
विज्ञापन
देहरादून इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी अशोक कुमार ने अपनी पुस्तक ‘खाकी में इंसान’ और आईपीएस अमित ने अपनी पुस्तक ‘बिहार डायरीज’ पर चर्चा की। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि कोरोना काल में देश भर की पुलिस ने बेहतर काम कर लोगों के बीच सकारात्मक सोच बनाई है। पुलिस लोगों की रक्षा के लिए है। इन सब पहलुओं को ही उन्होंने अपनी पुस्तक में लिखा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल 2022: रस्किन बांड और इम्तियाज अली के साथ होगा आज स्टोरी टैलर्स कनवर्शेसन, सोनू निगम सहित ये हस्तियां पहुंचेंगी
विज्ञापन
वहीं आईपीएस अमित ने अपनी किताब ‘बिहार डायरीज’ पर बात करते हुए बताया कि यह किताब एक जांबाज पुलिस अधिकारी की कहानी है जो अपनी हिम्मत और सूझबूझ के बल पर एक खूंखार अपराधी सामंत प्रताप और उसके गुर्गों को सलाखों के पीछे पहुंचाता है। जल्द ही उनकी किताब पर लोगों को वेबसीरीज भी देखने को मिलेगी। इस मौके पर सभा में मौजूद लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली के साथ अन्य सवाल भी किए। जिनका डीजीपी अशोक कुमार और आईपीएस अमित ने विस्तार से जवाब दिए।