देहरादून: स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र का फर्जीवाड़ा खुला, पांच नामजद; दो थानों में दर्ज हुई प्राथमिकी
ग्राम विकास अधिकारी डिंपल की शिकायत पर तृप्ति और उसकी मां उमा रानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जानिए पूरा मामला...
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने के दो मामले सामने आए हैं। क्लेमेंटटाउन और रायपुर थाने में महिला और चार छात्राओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि कूटरचित आधार कार्ड, शपथ पत्र और गलत पते के दस्तावेज लगाकर सरकारी लाभ हासिल करने का प्रयास किया गया है।
क्लेमेंटटाउन थाने में ग्राम विकास अधिकारी डिंपल की शिकायत पर तृप्ति और उसकी मां उमा रानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार तृप्ति ने 31 जुलाई को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। शपथपत्र और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 13 अगस्त को प्रमाणपत्र जारी भी कर दिया गया। बाद में जिलाधिकारी कार्यालय से मिले आदेश के बाद दस्तावेजों और स्थलीय स्थिति की जांच की गई। जांच में उमा रानी की ओर से लगाया गया शपथपत्र जाली पाया गया।
उनके आधार कार्ड में दर्ज 11 अंकों की यूआईडीएआई से पुष्टि नहीं हो सकी। शपथपत्र में निवास स्थान दूधा देवी मंदिर, मोथरोवाला बताया गया था, जबकि स्थलीय जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया कि तृप्ति, उमा रानी और उनका परिवार कभी वहां रहा ही नहीं। इसके बाद प्रमाणपत्र निरस्त करने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई।
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दूसरा मामला रायपुर थाने का है। यहां राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश कुमार की शिकायत पर खुशी, परी और स्वाति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। तीनों ने तहसील सदर के अपनी सरकार पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। जांच में आवेदनों के साथ लगाए गए आधार कार्ड और शपथपत्र कूटरचित पाए गए। दस्तावेजों में दर्ज पते की स्थलीय जांच कराई गई तो तीनों वहां निवास करती नहीं मिलीं। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एमबीबीएस में दाखिले के लिए बनवाए थे प्रमाणपत्र
स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े मामले में दर्ज प्राथमिकी में चार छात्राएं तृप्ति, खुशी, परी और स्वाति नामजद हैं। चारों पर आरोप है कि उन्होंने पात्रता न होते हुए भी फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। प्रशासन की संस्तुति पर एचएनबी मेडिकल विवि ने स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के तहत राज्य में हुए इन चारों के एमबीबीएस दाखिले रद्द कर दिए हैं।